
पटना (एम ए न्यूज डेस्क) राजधानी पटना में पुलिस ने एक बड़े ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने और नौकरी लगवाने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था. जक्कनपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को मीठापुर इलाके के एक होटल से गिरफ्तार किया है.
नौकरी के नाम पर ठगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उदय कुमार झा और अजय कुमार सिन्हा के रूप में हुई है. ये दोनों लंबे समय से नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे थे. पूछताछ में अजय ने बताया कि उसके पास मौजूद सभी दस्तावेज उदय कुमार झा के हैं. पुलिस को मौके से कई ब्लैंक चेक और अभ्यर्थियों के ओरिजिनल प्रमाणपत्र भी मिले हैं.
12 से 50 लाख में करता था सेटिंग
जांच में पता चला है कि यह गिरोह बीपीएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने या सेटिंग कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर चुका है. हर परीक्षा के लिए अलग रेट तय थे, जो 12 लाख से 50 लाख रुपये तक होते थे. आरोपियों द्वारा आधी राशि एडवांस में ली जाती थी और बाकी परीक्षा परिणाम के बाद वसूली जाती थी.
अभ्यर्थियों को कैसे बनाते थे शिकार
ठग पहले अभ्यर्थियों से उनका विश्वास जीतते थे और फिर एडवांस भुगतान के साथ ही उनसे उनके मूल प्रमाणपत्र और ब्लैंक चेक जमा करा लेते थे ताकि वे भाग न सकें. इस तरह से कई छात्रों की मेहनत की कमाई इस गिरोह की झोली में चली गई.
उदय कुमार झा समस्तीपुर का रहने वाला है, जबकि अजय कुमार सिन्हा नालंदा जिले के भगवानपुर का निवासी है. अजय पूर्व में शिक्षक था, लेकिन 2015 में ठगी के मामलों में बर्खास्त कर दिया गया था और तब से वह इस अपराध में लिप्त है.
परिचय कुमार सिटी एसपी पूर्वी
बीपीएससी में सेटिंग के नाम पर सबसे ज्यादा रकम
सिटी एसपी पूर्वी, परिचय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सेटिंग के नाम पर यह गिरोह 50 से 60 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलता था. अब तक की जांच में कई अभ्यर्थियों के शिकार होने की पुष्टि हुई है, जो इस गिरोह के झांसे में आ चुके थे.
पहले भी दर्ज हैं ठगी के केस
अजय कुमार सिंह पर पूर्व में पटना के गांधी मैदान थाने और नालंदा के परवलपुर थाने में ठगी के केस दर्ज हैं. वहीं, उदय कुमार झा को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है जो नेटवर्क का संचालन करता था.
पुलिस की कार्रवाई जारी
फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर अन्य सहयोगियों की जानकारी निकाल रही है. पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क की छानबीन कर रही है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पास कराने या नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी दलाल के झांसे में न आएं.


