जदयू कार्यालय के सामने हंगामा, परिचारी संघ के सदस्यों ने कहा- मांग पूरी नहीं हुई तो चुनाव में बता देंगे

एम ए न्यूज डेस्क : पटना में ग्रुप ‘डी’ (कार्यालय परिचारी/परिचारी विशिष्ट) के पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर बिहार राज्य परिचारी संघ के सदस्यों ने सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। महिला और पुरुष अभ्यर्थियों ने जदयू कार्यालय का घेराव किया। सभी लोग 12 हजार पदों पर बहाली, स्थायीकरण और वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि 2024 में 12 हजार परिचारी के पदों पर हमलोगों ने परीक्षा दिया। लेकिन, अब तक न रिजल्ट जारी किया गया। इतना ही नहीं अब तक बिहार के हजारों परिचारियों का न वेतन बढ़ाया गया है और ना ही उन्हें स्थाई किया गया है। 2006 से हम लोग यह मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक हमारी मांगों पर नीतीश सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए जब तक हम लोगों की मांगे पूरी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। सरकार से अपील है कि वह हम लोगों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करें नहीं तो इसका खामियाजा उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

बिहार राज्य परिचारी संघ के सदस्यों ने आज हम लोग बिहार के 28 जिले से यहां पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे हैं। हमलोग लगभग 12 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि उन्हें जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र दिया जाए। उन्होंने बताया कि इन सभी 12,000 अभ्यर्थियों ने अपने परिवारों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री को 10 से 12 बार वोट दिया है। लेकिन, नौकरी अबतक नहीं मिली। अभ्यर्थियों ने सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी विजय सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती तो आगामी चुनाव में हम लोग वोट बहिष्कार कर देंगे
जानिए, क्या है पूरा मामला?
बिहार परिचारी संघ के सदस्यों ने कहा कि ये पूरा मामला साल 2012 में निकले ग्रुप डी के पदों पर बहाली से जुड़ा है। इन पदों के लिए 12 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद परीक्षा हुई और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो गया। इसके बाद इन 12 हजार अभ्यर्थियों में से 2, 4, 10, 15, 25 और 50 अभ्यर्थियों की सूची अचानक से जारी की गई। लेकिन बाद में इस सूची में भी कुछ लोगों को पास किया गया। इस मामले में बिहार राज्य परिचारी संघ ने आरोप लगाया है कि मुख्य सचिव, प्रधान सहायक और BSSC के सचिव ने मिलकर इन सभी अभ्यर्थियों को गुमराह किया है। उनका कहना है कि इन अधिकारियों ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को रद्द कर दिया और कुछ ही अभ्यर्थियों को आगे बढ़ाया, जिससे बाकी अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में चला गया है।


