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शाहाबाद-मगध फतह करने की अमित शाह की योजना, क्या भाजपा की जीत हो जाएगी सुपरहिट?

पटना ( एम ए न्यूज डेस्क ) बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह एक्शन मोड में है और कमान खुद गृह मंत्री अमित शाह ने संभाल ली है. मिशन 2025 को कामयाब बनाने के लिए अमित शाह का ‘चाणक्य मॉडल’ फिर से सक्रिय हो गया है. महज 10 दिन में दो दौरे कर शाह ने साफ कर दिया है कि बिहार फोकस में है. रणनीति, संवाद और समन्वय के जरिए शाहाबाद-मगध जैसे कमजोर क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने की कोशिश हो रही है. शाह 5000 कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर टिकट वितरण और चुनावी मोर्चेबंदी की दिशा तय करेंगे.

महागठबंधन से सीधी टक्कर की तैयारी

बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन को चुनौती देने के लिए अमित शाह ने मैदान में उतरने का मन बना लिया है. विपक्षी खेमे में जहां एकजुटता की कोशिशें चल रही हैं. वहीं भाजपा इसे भांपते हुए अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने में जुटी है. अमित शाह का बिहार दौरा सिर्फ सियासी शो नहीं, बल्कि तीन प्रमुख मोर्चों रणनीति, संवाद और समन्वय पर कार्य करने की कोशिश है.

शाह की बैठक में 50-50 सीटों पर फोकस

17 सितंबर को देर रात पटना पहुंच रहे गृह मंत्री अमित शाह 18 सितंबर को दो अहम बैठकें करेंगे. शाहाबाद और मगध क्षेत्र की कमजोर कड़ी को मजबूत करने के लिए वे 20 जिलों के करीब 5000 कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. पहली बैठक में 50 विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस रहेगा, वहीं दूसरी रणनीति बेगूसराय इलाके के 50 सीटों के लिए होगी. विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अमित शाह जमीनी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं.

10 जिलों के कार्यकर्ताओं संग रणनीति

गृह मंत्री अमित शाह का पहला कार्यक्रम 18 सितंबर को रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल में होगा. सुबह 10 बजे वे स्व. ललन सिंह स्टेडियम, कनाल पहुंचेंगे. यहां शाह 10 जिलों रोहतास, कैमूर, आरा, बक्सर, गया पूर्वी, गया पश्चिमी, नवादा, जहानाबाद, अरवल और औरंगाबाद के 2500 कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. इस बैठक में शाहाबाद और मगध क्षेत्रों को राजनीतिक रूप से मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी.

बेगूसराय में बैठक

गृह मंत्री अमित शाह की दूसरी बड़ी बैठक 18 सितंबर को बेगूसराय के रिफाइनरी टाउनशिप खेल मैदान में होगी, जो दोपहर 2 बजे शुरू होगी. इस बैठक में पटना ग्रामीण, पटना महानगर, बाढ़, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और बेगूसराय इन 10 जिलों के कार्यकर्ताओं, नेताओं और पदाधिकारियों से संवाद होगा. अमित शाह ना सिर्फ एनडीए की ताकत बढ़ाने की रणनीति साझा करेंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं को विरोधियों से मुकाबले के सटीक राजनीतिक टिप्स भी देंगे.

5000 कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक

पार्टी सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह 18 सितंबर को एक दिन में 20 जिलों के करीब 5000 कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. बैठक दो चरणों में होगी प्रत्येक बैठक में 10 जिलों के लगभग 2500 कार्यकर्ता शामिल होंगे. शाह बूथ से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर चुनावी तैयारी का फीडबैक लेंगे. साथ ही प्रत्याशियों की लोकप्रियता और स्थानीय प्रभाव को लेकर नेताओं से भी विस्तार से विमर्श करेंगे, ताकि विधानसभा चुनाव में जीत की रणनीति को मजबूती दी जा सके.

बिहार में पार्टी की तैयारियों को धार देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह का दौरा अहम है. इस दौरे में दो बैठकें होंगी, जिनमें भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. शाहाबाद और मगध क्षेत्र इस बार एनडीए की जीत में निर्णायक भूमिका निभाएंगे. अमित शाह के दौरे से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी.

ऋतुराज सिंहा, राष्ट्रीय मंत्री बीजेपी

शाहाबाद-मगध में कमजोर एनडीए

गृह मंत्री अमित शाह का फोकस इस बार बिहार के दो कमजोर क्षेत्र शाहाबाद और मगध पर है. जहां एनडीए की स्थिति चिंताजनक रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में शाहाबाद के चार जिलों में एनडीए खाता तक नहीं खोल सका था. वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में भी इस क्षेत्र में एनडीए को सिर्फ दो सीटों से संतोष करना पड़ा. वाम दलों की मजबूत मौजूदगी ने यहां एनडीए को बार-बार चुनौती दी है. अब अमित शाह इन इलाकों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक चुके हैं.

शाहाबाद में उतार-चढ़ाव का आंकड़ा

शाहाबाद क्षेत्र में एनडीए और खासकर भाजपा का प्रदर्शन पिछले एक दशक में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 2015 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 22 में से 6 सीटें मिली थीं, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में चारों सीटें जीतकर जोरदार वापसी की थी, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में यह प्रदर्शन गिर गया और एनडीए सिर्फ दो सीट आरा और बड़हरा पर सिमट गई. 2024 के विधानसभा उपचुनाव में तरारी और रामगढ़ जीतकर भाजपा ने थोड़ी राहत जरूर पाई, लेकिन उसी साल हुए लोकसभा चुनाव में चारों सीटें गंवानी पड़ीं.

 

विधायकों और उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला

गृह मंत्री अमित शाह के बैठक में जिला अध्यक्ष जिला प्रभारी क्षेत्रीय प्रभारी सहित प्रदेश और उस इलाके के कार्य समिति के सदस्य हिस्सा लेंगे. जिला अस्तर के कोर कमेटी के नेताओं को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से भी संवाद करेंगे. जनप्रतिनिधियों के परफॉर्मेंस को लेकर जहां फीडबैक लेंगे. वहीं यह जानने की भी कोशिश करेंगे कि कौन से विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का कौन उम्मीदवार सशक्त है.

अमित शाह भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार हैं, जिनकी अगुवाई में कई राज्यों में पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है. अब बिहार की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर है और वे पूरी तरह एक्शन में हैं. शाह की बैठक में विधायकों और संभावित उम्मीदवारों के कार्यों का फीडबैक लिया जाएगा. उनके पास पहले से सर्वे रिपोर्ट मौजूद है और माना जा रहा है कि एक तिहाई मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं.

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