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पटना के गांधी मैदान में बनी देश की सबसे बड़ी महारंगोली, मतदाता जागरूकता को समर्पित

एम ए न्यूज डेस्क: नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से ।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना के निदेश पर सम्पूर्ण जिला में सघन मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला-स्तरीय स्वीप कोषांग के बैनर तले पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड, छठ कोषांग, आईसीडीएस, जीविका, कल्याण सहित विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों द्वारा निर्वाचकों को 6 नवम्बर को वोट डालने के लिए अभिप्रेरित किया जा रहा है।


मतदाताओं को वोटर हेल्पलाइन 1950 के बारे में भी विभिन्न माध्यमों से विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में पटना के गाँधी मैदान में एक विशालकाय एवं संदेशप्रद महारंगोली का निर्माण किया गया है। पटना जिला आईसीडीएस के पदाधिकारियों एवं कर्मियों, जीविका दीदियों तथा आम जनता के सहयोग से “6 नवम्बर को वोट करेगा पटना” की थीम पर महा-रंगोली बनाया जा रहा है।


इस महारंगोली की कई विशेषताएँ है जैसे इसकी लंबाई 243 मीटर तथा चौड़ाई 170 मीटर है। जो अपने आप में अद्भुत है।गांधी मैदान, पटना में गेट संख्या 7 से गेट संख्या 10 तक इसका निर्माण किया गया है। मतलब इसका क्षेत्रफल 41,310 वर्ग मीटर अर्थात् 4.4 लाख वर्ग फुट है। परिप्रेक्ष्य में कहें तो यह क्षेत्र करीब साढ़े पाँच फुटबाल मैदान से भी बड़ा है। मतलब की कह सकते हैं यह देश की सबसे बड़ी रंगोली है। इस रंगोली को बनाने में भी रिकॉर्ड दर्ज किया गया है यह मात्र 6 दिनों में पूरा किया गया है।


इसको बनाने में जीविका दीदियों, आंगनवाड़ी सेविकाओं और आम जनता के योगदान रहा है। पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन और रंगों से तैयार किया गया इस रंगोली में चूना, मोरम मिट्टी और गुलाल का उपयोग किया गया है। यह रंगोली हमारे राज्य बिहार और संपूर्ण भारत में SVEEP अभियान के तहत मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने वाले पहले कार्यक्रमों में से एक। आज इस रंगोली का विधिवत उद्घाटन किया गया और इस मौके पर पटना ज़िलाधिकारी ने कहा कि पूर्व के चुनावों में शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति उदासीनता देखी गई थी।


यह अच्छी बात नहीं है। इसमें परिवर्तन लाने की जरूरत है। अर्बन एपैथी को दूर करने के लिए शहरी क्षेत्रों में विशेष स्वीप अभियान चलाया जा रहा है। गाँधी मैदान में महारंगोली एवं शहरी क्षेत्रों में छठ घाटों पर होर्डिंग, पोस्टर, बैनर और जिंगल के माध्यम से प्रचार इसी विशेष अभियान का एक भाग है।

 

 

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