राजधानी पटना में मेट्रो का पहला फिटनेस ट्रायल रन सफल, मेट्रो डिपो से भूतनाथ स्टेशन तक चली मेट्रो

पटना (एम ए न्यूज डेस्क) बिहार की राजधानी पटना के लिए आज रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा. बहुप्रतीक्षित पटना मेट्रो परियोजना ने अपनी पहली बड़ी परीक्षा पास कर ली है. रविवार को पटना डिपो से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो का पहला फिटनेस ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया गया. यह उपलब्धि राज्य के शहरी परिवहन के क्षेत्र में प्रगति और आधुनिक शक्ति का प्रतीक है.

पटना मेट्रो का पहला फिटनेस ट्रायल
मेट्रो परियोजना को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे पटना के लोगों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है. पहली फिटनेस टेस्टिंग ने साबित कर दिया कि मेट्रो ट्रेन अब तकनीकी रूप से संचालन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. पटना मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रायल आने वाले डायनेमिक ट्रायल और वाणिज्यिक संचालन से पहले एक महत्वपूर्ण चरण है.

फिटनेस ट्रायल में हुई अहम जांच
इस फिटनेस ट्रायल के दौरान कई अहम सिस्टम की जांच की गई.
रोलिंग स्टॉक (RS) फिटनेस

ट्रैक पर दौड़ रही मेट्रो ट्रेन की क्षमता, गति और सुरक्षा की जांच की गई.
ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन) सिस्टम : मेट्रो को चलाने वाली विद्युत प्रणाली का परीक्षण किया गया.
ट्रैक फिटनेस : पटरियों की स्थिरता, संरेखण और संपूर्ण सुरक्षा मानकों का आकलन किया गया.

आगे अब डायनेमिक ट्रायल
इन तीनों स्तरों पर सफल परीक्षण ने अधिकारियों और इंजीनियरों का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है. पहला फिटनेस ट्रायल सफल होने के बाद अब सिस्टम इंटीग्रेशन टेस्ट और डायनेमिक ट्रायल रन की तैयारी होगी. डायनेमिक ट्रायल के दौरान मेट्रो ट्रेन को पूरी स्पीड में चलाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा. इसके बाद ही यात्रियों के लिए मेट्रो के द्वार खोले जाएंगे.

जनता की उम्मीदें और उत्साह
पटना के नागरिकों के लिए मेट्रो केवल एक यातायात साधन नहीं, बल्कि आधुनिकता और विकास का प्रतीक है. शहर की सड़कों पर बढ़ते जाम और प्रदूषण से निजात पाने के लिए मेट्रो को एक गेम-चेंजर माना जा रहा है. पहली फिटनेस ट्रायल की सफलता ने राजधानीवासियों के मन में मेट्रो की सवारी का सपना और करीब ला दिया है. ट्रायल रन से पहले विशेष पूजा अर्चना करके नारियल फोड़ के ट्रायल रन की शुरुआत की गई.

बिहार के लिए गौरव का क्षण
पटना मेट्रो का पहला फिटनेस ट्रायल रन न केवल तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम भी है. आने वाले समय में जब मेट्रो का नियमित संचालन शुरू होगा, तो यह राज्य की छवि को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. आज के सफल ट्रायल के साथ यह साफ हो गया है कि पटना मेट्रो अब केवल कागजों की परियोजना नहीं रही, बल्कि पटरी पर उतरकर बिहार की प्रगति की नई कहानी लिख रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो सप्ताह में प्रधानमंत्री के द्वारा इसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा.


