
विपक्ष से उम्मीद करना बेकार, चुकी विपक्ष के पूर्ववर्ती सरकार में जिनके दामन पर खून के छींटे ,लूट अपहरण बलात्कार के दाग हैं , जिनके हाथ गरीबों के खून से सने हो।
ग्रामीणों के सहयोग से सभी घायलों को सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती।ब्यास मुनि दास ने सदर अस्पताल में भर्ती सभी घायलों से की मुलाकात और काफियत की ली जानकारी ।
डॉक्टर से मिलकर सभी घायलों को बेहतर ईलाज करने की कही बात।

डॉक्टर ने कहा कि मारपीट में चार- पांच बच्चे घायल हैं, राजू दास उम्र 20 वर्ष का सिर फटे हैं, और सोनू दास,उम्र 18 वर्ष को सिर में गंभीर चोट से बेहोश था, उन्हें सिटी स्कैन कराया गया है , और अनुज दास उम्र 13 वर्ष, एवम् रंजन दास उम्र 15 वर्ष को पूरे शरीर में गंभीर चोट लगी है सभी को इलाज जारी है ब्यास मुनि दास ने कहा कि डबल इंजन वाली नीतीश सरकार दलितों को सुरक्षा देने में रही पूरी तरह नाकाम है। सत्ता के विपक्ष में बैठे लोगों से भी सहायता की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं ,चुकी, जिनके दामन पर खून के छींटे, लूट, अपहरण बलात्कार के दाग हैं ,और जिनके हाथ गरीबों की खून से सने हो। वैसे लोगों से सहयोग की उम्मीद करना बेकार है,इसका एक मात्र विकल्प है, बिहार में बसपा की सरकार बनाना। जी हां, यह घटना है जहानाबाद जिला के काको थाना अंतर्गत नोनहीं पंचायत के घटकन गांव का, जहां बीते 29 सितंबर 2025 को संध्या 5:00 बजे घटकन निवासी सुनील दास के 13 वर्षीय पुत्र अंजन कुमार गांव से दक्षिण कृष्ण भगवान मंदिर से सेट दक्षिण नहर में बंसी से मछली मार रहा था, इसी बीच पड़ोसी गांव देवघरा निवासी नीतीश यादव और रवि शंकर यादव दोनों मिलकर अनुज दास के वंशी लगा रहे जगह पर ढेला फेंक कर उन्हें डिस्टर्ब करने लगा, जिसका अंजय दास ने विरोध किया,इसी बात को लेकर उन्हें उक्त दोनों व्यक्ति ने मारपीट किया और कहा कि यहां से भागो नहीं तो उठा के नहर में फेंक देंगे।

अंजय कुमार रोते हुए घर आया और सारी बातें अपने परिजनों को बताया! इसी बात को लेकर उसका भाई राजू कुमार , रंजन कुमार और गांव का एक अन्य लड़का सोनू कुमार पूछने के लिए गया ,तो देखा कि नीतीश कुमार, रवि शंकर कुमार पांच छह अन्य साथियों के साथ मंदिर के पास बैठा हुआ है, उनलोगों ने जाते ही पूछा कि हमारा भाई आपके साथ कौन सा गलती किया है जो आप मारपीट किए हैं। उन लोगों से यह बात पूछना काफी उन लोगों को नागवार गुजरा , फिर क्या था, उनलोगों ने कहने लगा कि मांदारजोद चमार तुमलोग को हमलोग से पूछने का हिम्मत कैसे हुआ?फिर क्या था, वहां पर बैठे नीतीश यादव, रवि शंकर यादव, प्रिंस यादव, विकास यादव, प्रकाश यादव, गौरव यादव, सहित दो तीन अन्य लड़कों ने मंदिर से लाठी और लोहे का रॉड निकालकर उनलोगों के साथ बेटहमी से मारपीट कर बुरी तरह जख्मी और अधमरा कर दिया था,और मोबाइल एवं गले में पहने सोने के बजरंगबली के लॉकेट सहित अन्य सामान भी छीन लिया था। मारपीट करने वाले लोगों के विरुद्ध अनुसूचित जाति जनजाति थाना जहानाबाद में मोबाइल एवम् लॉकेट छीनने, मारपीट करने, जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


