फातिमा शेख भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थी। रामदेव चौधरी
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट

बिहारशरीफ:- बिहारशरीफ के ब्लॉक चौक पर अतपिछड़ा/ दलित/ अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के के तत्वधान में माता फातिमा शेख की चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित करते हुए उनकी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

इस मौके पर अतिपिछड़ा/ दलित/ अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने कहा कि फातिमा शेख भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका एवं समाज सुधारक थी। इनका जन्म 9 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। जिन्होंने सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर लड़कियों और वंचित समुदायों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण काम किया, उनके साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के स्कूल खोले और रूढ़िवादी विरोध के बावजूद महिलाओं को शिक्षित करने के मिशन में फुले दंपति के साथ मजबूती से खड़ी रही। उनके घर पर ही लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू हुआ था और उन्हें अक्सर पत्थर बाजी जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फातिमा शेख दलित और महिलाओं के शिक्षा की वकालत की एवं शिक्षा के प्रति

जागरूकता फैलाई। रूढ़िवादी समाज और कुछ मुस्लिम समुदायों के विरोध का सामना किया,उन पर पत्थर फेके गए लेकिन वे डटी रही। उन्हें भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षक के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने समाज में शिक्षा और समानता लाने का काम किया। फातिमा शेख सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर भारत में शिक्षा और सामाजिक सुधार की नींव राखी। खासकर महिलाओं और निम्न वर्गों के लिए।

फातिमा शेख की मृत्यु अक्टूबर 1900 में हुई थी। फातिमा शेख के भाई उस्मान शेख ज्योतिबा राव फुले के मित्र थे। फातिमा शेख ने सावित्रीबाई फुले के साथ अहमदनगर के एक मिशनरी स्कूल में टीचर ट्रेनिंग भी ली थी। फातिमा शेख और सावित्रीबाई ने लोगों के बीच जाकर उन्हें अपनी लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया इस कार्य में कुछ लोगों ने उनकी सहायता भी की, दूसरी ओर ज्यादातर लोगों ने उनका विरोध किया। फातिमा शेख का फूले दंपति के द्वारा किए जा रहे ज्यादातर कामों में सहयोग रहा। 1856 में सावित्रीबाई जब बीमार पड़ गई तो वह कुछ दिनों के लिए अपने पिता के घर चली गई वहां से वह ज्योतिबा फुले को पत्र लिखा करती थी उन पत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार फातिमा शेख ने उसे समय स्कूल के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उठाई और स्कूल की प्रधानाचार्य भी बनी।

इस मौके पर अतिपिछड़ा/ दलित/ अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के जिला महासचिव उमेश पंडित जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र शर्मा फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला सचिव मोहम्मद सदीक अजहर जिला महासचिव महेंद्र प्रसाद अभय कुमार शैलेंद्र कुमार सहदेव साव जोगेंद्र पासवान किशोरी गोस्वामी चंदन पासवान रौशन कुमार नंदन कुमार राजाराम पंकज कुमार आदि लोग उपस्थित थे।

रामदेव चौधरी
अतिपिछड़ा/ दलित/ अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष


