पटना के गांधी मैदान में जलजमाव के बीच शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज,खराब मौसम के बीच प्रशासन ने बनाए वैकल्पिक इंतजाम
एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार और शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यह आयोजन राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें देशभर के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, समारोह से ठीक पहले हुई तेज बारिश ने तैयारियों की रफ्तार को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को तेजी से संभाल लिया है।

लगातार बारिश के कारण गांधी मैदान के कई हिस्सों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई थी। मैदान में पानी भर जाने से आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। जल निकासी के लिए करीब 50 मशीनों को लगाया गया है, जो लगातार पानी बाहर निकालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का दावा है कि समारोह से पहले मैदान को पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा।

मौसम विभाग की ओर से भी खराब मौसम की संभावना जताई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन बैकअप प्लान पर भी काम कर रहा है। तेज आंधी या बारिश की स्थिति में कार्यक्रम प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी संरचनाएं, वाटरप्रूफ इंतजाम और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया है। आयोजन स्थल पर मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और राहत दलों की भी तैनाती की जा रही है।

यह शपथ ग्रहण समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार समेत भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के कई दिग्गज नेता कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं। अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी इस आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क और ट्रैफिक कंट्रोल प्लान को भी लागू किया जा रहा है। आम लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष मार्ग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है।

गौरतलब है कि बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पहले पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के कारण टाल दिया गया था। अब जब तीन राज्यों में एनडीए को जीत मिली है, तो गठबंधन में उत्साह का माहौल है और इसी ऊर्जा के साथ इस समारोह को भव्य बनाने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह आयोजन केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जाएगा।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार समारोह में मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण नहीं होगा। वर्ष 2025 में नीतीश कुमार ने इसी गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन इस बार केवल मंत्रियों का सामूहिक शपथ ग्रहण आयोजित किया जा रहा है। गांधी मैदान के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सिर्फ मंत्रियों के लिए इतना बड़ा सार्वजनिक समारोह आयोजित किया जा रहा है।

प्रशासन और आयोजन से जुड़े सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में कार्यक्रम की गरिमा और व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर तैयारियों की निगरानी की जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम और व्यवस्थाओं पर खास नजर रखी जाएगी ताकि 7 मई का यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।



