बिहारशरीफ में सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक, शिक्षा व्यवस्था से लेकर चुनाव सुधार तक कई मुद्दों पर हुई चर्चा
एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट ।

बिहारशरीफ: शहर के नाला रोड स्थित सामुदायिक भवन में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और सामाजिक नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था, न्यायिक नियुक्ति, चुनाव प्रणाली और सामाजिक समानता जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नेता चंद्रशेखर प्रसाद ने की।

बैठक में मौजूद वक्ताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि देश में शिक्षा और न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं समान बनाने की जरूरत है। इसी को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख रूप से यूजीसी बिल 2026 को लागू करने, समान शिक्षा प्रणाली लागू करने, कॉलेजियम प्रणाली समाप्त करने, तथा यूपीएससी एवं बीपीएससी की तर्ज पर परीक्षा के माध्यम से जजों की नियुक्ति करने की मांग उठाई गई।
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव खत्म करने की मांग
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में धर्म, जाति, नस्ल, लिंग, जन्म स्थान और दिव्यांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त किया जाना चाहिए। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांगजनों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

वक्ताओं ने कहा कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए नए नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह नए नियम वर्ष 2012 में लागू पुराने नियमों की जगह लाए गए हैं। बैठक में मौजूद लोगों ने इन नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की।
निजी स्कूलों और कॉलेजों के सरकारीकरण की उठी मांग
बैठक में यह भी कहा गया कि निजी स्कूलों और कॉलेजों के बढ़ते व्यावसायीकरण से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। इसलिए निजी शिक्षण संस्थानों का सरकारीकरण किया जाना चाहिए ताकि सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर मिल सके।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
बैठक के दौरान चुनाव प्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ईवीएम मशीनों के जरिए चुनाव कराने से निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। इसलिए चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाने चाहिए।

वक्ताओं ने दावा किया कि जिन विकसित देशों ने ईवीएम तकनीक विकसित की, वहां भी कई स्थानों पर पारंपरिक मतदान प्रणाली का उपयोग किया जाता है। ऐसे में भारत में भी चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बैलेट पेपर प्रणाली अपनाने की जरूरत है।
17 मई को फिर होगी बैठक
बैठक में तय किया गया कि इन सभी मुद्दों को लेकर अगली रणनीतिक बैठक 17 मई 2026 को बिहारशरीफ के बारादरी स्थित रॉयल होटल में आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान, अर्जक संघ के जिला संयोजक कमलेश कुमार कमल, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला महासचिव महेंद्र प्रसाद, अधिवक्ता कल्याण कुमार, आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला सचिव शाहनवाज, आम जनता पार्टी ‘इंडिया’ के राष्ट्रीय सचिव रंजीत कुमार सम्राट तथा प्रोफेसर शिव कुमार प्रसाद समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



