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पटना में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन, हजारों मामलों का हुआ निष्पादन

ट्रैफिक चालान से लेकर बैंक, बिजली, वैवाहिक और आपराधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा

पटना। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार 09 मई 2026 को पटना न्याय मंडल में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन व्यवहार न्यायालय, पटना तथा ज्ञान भवन पूर्वी गांधी मैदान परिसर में संपन्न हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पटना रूपेश देव की अध्यक्षता में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार पटना ज्योति चन्दन के नेतृत्व में कराया गया। कार्यक्रम में न्यायपालिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर संगम कुमार साहू, जो बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य संरक्षक भी हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं मोहित कुमार साह सहित कई न्यायिक अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल देकर बढ़ाया हौसला

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सामाजिक सरोकार की भी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में पांच महिला एवं पांच पुरुष दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्रदान की गई। यह पहल दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन को अधिक सुगम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सुविधा पहुंचाना न्यायपालिका की जिम्मेदारी है।

पटना न्याय मंडल में 84 पीठों का गठन

माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन केवल पटना सदर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पटना न्याय मंडल के अंतर्गत पटनासिटी, दानापुर, बाढ़, मसौढ़ी और पालीगंज में भी इसका आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि पटना सदर में 49 पीठों का गठन किया गया, जबकि पूरे पटना न्याय मंडल में कुल 84 पीठों का गठन कर विभिन्न मामलों के निष्पादन की व्यवस्था की गई।

ट्रैफिक चालान के 10 हजार से अधिक मामलों का निपटारा

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े कुल 10,119 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में परिवहन विभाग द्वारा कुल 5 करोड़ 80 लाख 88 हजार 1 रुपये की वसूली की गई।

लंबे समय से लंबित चालान मामलों के एक दिन में निष्पादन से आम लोगों को राहत मिली। लोक अदालत के माध्यम से लोगों ने कम समय में अपने मामलों का समाधान कराया।

बैंक और बीएसएनएल मामलों में करोड़ों की वसूली

राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक एवं बीएसएनएल से जुड़े कुल 783 मामलों का निष्पादन किया गया। इसमें विभिन्न बैंकों द्वारा लगभग 5 करोड़ 93 लाख 72 हजार 512 रुपये की राशि की वसूली की गई।

कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने लोक अदालत की व्यवस्था की सराहना की। बैंक अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित ऋण मामलों के समाधान में काफी मदद मिलती है।

आपसी सहमति से निपटे हजारों मामले

राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामलों का भी बड़ी संख्या में निष्पादन किया गया। कुल 3,584 आपराधिक मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से निपटारा किया गया।

इसके अलावा—

मोटर एक्सीडेंट क्लेम (एमएसीटी) के 5 मामले

दिवानी विवाद के 2 मामले

एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े 768 मामले

श्रम वाद के 3 मामले

वैवाहिक विवाद का 1 मामला

बिजली विभाग (पेसु) से जुड़े 542 मामलों का निष्पादन किया गया।

इन मामलों के समाधान से लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली और अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ।

कुल 4905 पोस्ट एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन

पटना न्याय मंडल में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 4,905 पोस्ट लिटिगेशन एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया।

लोक अदालत की सफलता में न्यायिक पदाधिकारियों, जिला अधिवक्ता संघ पटना के अधिवक्ताओं, पैनल अधिवक्ताओं, पारा विधिक स्वयंसेवकों तथा बैंक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

लोगों में दिखा उत्साह

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के शीघ्र समाधान के लिए पहुंचे। अदालत परिसर में सुव्यवस्थित व्यवस्था देखने को मिली और लोगों ने लोक अदालत को सुलभ एवं त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय लोक अदालत न केवल अदालतों में लंबित मामलों को कम करने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि इससे आम नागरिकों को कम खर्च और कम समय में न्याय मिल रहा है।

एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

 

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