क्राइमपटनाबिहारब्रेकिंग न्यूज़

पटना में इंसानियत शर्मसार: 15 वर्षीय नाबालिग को 48 घंटे तक कार में बंधक बनाकर घुमाया, तीसरा आरोपी गिरफ्तार

एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

राजधानी पटना से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को कार में बंधक बनाकर करीब 48 घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाने और उसके साथ दरिंदगी करने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दानापुर रेल पुलिस ने अरविंद कुमार उर्फ भोक्रम को गिरफ्तार किया है। इससे पहले विकास कुमार और पवन कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

यह मामला सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल है। घटना ने एक बार फिर राजधानी की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए तेजी से जांच कर रही है।

मोबाइल गुम होने के बाद शुरू हुआ खौफनाक खेल

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 1 मई को पीड़िता पटना जंक्शन पहुंची थी। इसी दौरान उसका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया। परेशान हालत में लड़की मदद की तलाश कर रही थी। तभी आरोपी विकास कुमार ने मदद करने का झांसा दिया और भरोसे में लेकर उसे सफेद रंग की अर्टिगा कार में बैठा लिया। कार में पहले से पवन कुमार मौजूद था।

पीड़िता को यह अंदाजा भी नहीं था कि मदद के नाम पर उसके साथ इतनी बड़ी साजिश होने वाली है। कार में बैठाने के बाद आरोपी उसे लगातार अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे ताकि किसी को शक न हो सके।

पटना के कई थाना क्षेत्रों में घूमती रही कार

जांच में सामने आया है कि आरोपी पीड़िता को लेकर पटना के कई थाना क्षेत्रों में घूमते रहे। इनमें कोतवाली, गांधी मैदान, सचिवालय, गर्दनीबाग, बेऊर और दानापुर इलाके शामिल हैं। करीब 48 घंटे तक लड़की को कार में बंधक बनाकर रखा गया।

सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को मानसिक रूप से डराया और उसे किसी से संपर्क नहीं करने दिया। पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ भी दिया हो सकता है। इसी कारण पुलिस ने संदिग्ध पदार्थ बरामद कर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

निर्माणाधीन मकान में ले जाकर वारदात

पुलिस के अनुसार, आरोपी बाद में पीड़िता को बेऊर इलाके के एक निर्माणाधीन मकान में ले गए, जहां उसके साथ दरिंदगी की गई। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बाहर निकली, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दानापुर रेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक-एक कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

तीसरा आरोपी अरविंद कुमार उर्फ भोक्रम गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी अरविंद कुमार उर्फ भोक्रम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उसकी भूमिका भी पूरी घटना में संदिग्ध और अहम रही है। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अपराध में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

इससे पहले गिरफ्तार दोनों आरोपियों विकास कुमार और पवन कुमार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

पुलिस ने बरामद किए अहम सबूत

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सफेद अर्टिगा कार को बरामद कर लिया है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और संदिग्ध नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। सभी बरामद सामानों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पुलिस आरोपियों की गतिविधियों और लोकेशन की भी जांच कर रही है।

स्पीडी ट्रायल की तैयारी

पुलिस ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।

वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि राजधानी में इस तरह की घटनाएं महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि घटना में कहीं कोई और व्यक्ति भी शामिल तो नहीं था।

Related Articles

Back to top button