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भागलपुर से लापता 5 बच्चियां पटना जंक्शन पर मिलीं, एक साल से बना रही थीं घूमने का प्लान

एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले से एक राहत भरी लेकिन सोचने पर मजबूर कर देने वाली घटना सामने आई है। नाथनगर थाना क्षेत्र से लापता हुई पांच बच्चियों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। सभी बच्चियां पटना जंक्शन पर मिलीं। शुरुआती जांच और पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसने परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया। बच्चियों ने बताया कि वे किसी के बहकावे में नहीं आई थीं, बल्कि पिछले करीब एक साल से घूमने जाने की योजना बना रही थीं और उसी योजना के तहत घर से निकल गई थीं।

अचानक गायब होने से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, सभी बच्चियां भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र स्थित लालूचक इलाके की रहने वाली हैं। बताया जा रहा है कि सभी एक ही मोहल्ले की थीं और आपस में अच्छी दोस्त थीं। उनकी उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

जब बच्चियां घर से अचानक नहीं मिलीं तो परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश शुरू की। आसपास के रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। कई छोटी बच्चियों के एक साथ लापता होने की खबर से पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल बन गया।

पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

शिकायत मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और बच्चियों की तलाश शुरू की गई। संभावित स्थानों और रेलवे स्टेशनों पर सूचना साझा की गई। इसी दौरान पटना जंक्शन पर संदिग्ध स्थिति में घूम रही पांच बच्चियों पर रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की नजर पड़ी।

बच्चियों से बातचीत और पूछताछ के दौरान उनकी पहचान हुई। इसके बाद तुरंत भागलपुर पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिवारों ने राहत की सांस ली।

एक साल से बना रही थीं घूमने का प्लान

पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे लंबे समय से कहीं बाहर घूमने जाने की योजना बना रही थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने घर से निकलने की तैयारी पहले से कर रखी थी।

बच्चियां अपने साथ करीब 1500 रुपये और कपड़ों से भरा बैग लेकर निकली थीं। यात्रा के दौरान वे ट्रेन में सवार होकर हाथीदह स्टेशन तक पहुंचीं। वहां उन्होंने गंगा स्नान भी किया। लेकिन कम उम्र और यात्रा संबंधी जानकारी नहीं होने के कारण वे सही दिशा का अंदाजा नहीं लगा सकीं और आगे बढ़ते-बढ़ते पटना पहुंच गईं।

सतर्कता से टली बड़ी घटना

इस मामले में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि बच्चियां सुरक्षित मिलीं और समय रहते पुलिस की नजर उन पर पड़ गई। रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में छोटे बच्चों का अकेले होना कई तरह के जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में समय पर पहचान और कार्रवाई ने स्थिति को सुरक्षित बनाए रखा।

अभिभावकों के लिए अहम संदेश

यह घटना सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई की कहानी नहीं है, बल्कि बच्चों की सोच, उनकी जिज्ञासा और परिवार के साथ संवाद की जरूरत को भी सामने लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की गतिविधियों, दोस्तों और उनकी योजनाओं पर समय-समय पर बातचीत करना जरूरी होता है।

बच्चों की छोटी-छोटी इच्छाओं और भावनाओं को समझना, उनके साथ समय बिताना और उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर घूमने या नई जगहों के बारे में जानकारी देना ऐसे कई कदम हैं जो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।

फिलहाल सभी बच्चियां सुरक्षित

पुलिस की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है और बच्चियों को उनके परिवारों के हवाले किया जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में राहत का माहौल है, वहीं अभिभावक भी बच्चों पर और अधिक ध्यान देने की बात कह रहे हैं।

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