बिहार कैबिनेट की बड़ी बैठक: सीमाई सुरक्षा से लेकर बैंकॉक फ्लाइट तक, 13 अहम फैसलों पर लगी मुहर
एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, सुरक्षा, खेल, उद्योग और पर्यटन से जुड़े कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में ग्रामीण विकास से लेकर अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क और औद्योगिक निवेश तक कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका असर आने वाले समय में बिहार की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर देखने को मिलेगा।
ग्रामीण निकायों के लिए 747 करोड़ से अधिक की मंजूरी
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 747 करोड़ 97 लाख 64 हजार रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी है। यह राशि बिहार आकस्मिकता निधि से उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
सीमावर्ती सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नया आईजी बॉर्डर पद
राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष शाखा के अधीन “आईजी बॉर्डर” के नए पद के सृजन को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और खुफिया तंत्र मजबूत होगा।
यह फैसला खासतौर पर नेपाल सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सहरसा, अरवल और औरंगाबाद में खेल सुविधाओं का विस्तार
कैबिनेट बैठक में खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।
सहरसा में मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत आउटडोर स्टेडियम निर्माण के लिए 6.61 एकड़ जमीन खेल विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
अरवल में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु 6.8 एकड़ जमीन हस्तांतरण को मंजूरी मिली।
औरंगाबाद के देव में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण और जिला स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
गया से बैंकॉक के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान
गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इसके लिए IndiGo एयरलाइंस का चयन किया गया है और 10 करोड़ 40 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है।
सरकार के अनुसार, इस फैसले से बिहार के बौद्ध पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा। थाईलैंड सहित दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक बोधगया और अन्य बौद्ध स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं। सीधी उड़ान शुरू होने से पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है ।
नालंदा में वाइल्ड राइस उत्पादन इकाई की स्थापना
नालंदा में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत 960 MTPD क्षमता वाली वाइल्ड राइस उत्पादन इकाई स्थापित की जाएगी। इसके लिए 88 करोड़ 18 लाख रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना के माध्यम से लगभग 185 कुशल और अकुशल कामगारों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। सरकार इसे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
STF में दक्ष पुलिसकर्मियों की लंबी प्रतिनियुक्ति को मंजूरी
वामपंथी उग्रवाद विरोधी अभियानों को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने विशेष टास्क फोर्स (STF) में कार्यरत 50 दक्ष पुलिसकर्मियों को अधिकतम 15 वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर बनाए रखने की मंजूरी दी है।
इन पुलिसकर्मियों को सूचना संग्रहण और विशेष अभियानों में दक्षता के आधार पर चिन्हित किया जाएगा। इसके लिए पुलिस महानिदेशक, पटना को अधिकार प्रदान किए गए हैं।
कैमूर में एथेनॉल और पावर प्लांट को स्वीकृति
कैमूर में ग्रेन बेस्ड 60 KLPD एथेनॉल प्लांट और 2 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में 73 करोड़ 45 लाख रुपये का निवेश होगा।
सरकार के अनुसार, इस इकाई से करीब 93 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। यह परियोजना राज्य में हरित ऊर्जा और जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए जलाशय निर्माण
अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत BIADA द्वारा अधिग्रहित 1300 एकड़ भूमि में से 324 एकड़ जमीन जल संसाधन विभाग को जलाशय निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया गया है।
इस जलाशय की भंडारण क्षमता 8.5 एमसीएम होगी, जिससे 19 एमएलडी जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे औद्योगिक क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में नए पदों का सृजन
कैबिनेट ने बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा उसके अधीनस्थ कार्यालयों में 53 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है।
इसके साथ ही साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में तकनीकी और विशेषज्ञ सेवाओं के लिए “यंग प्रोफेशनल्स चयन नीति 2026” को भी मंजूरी दी गई है। इससे तकनीकी विशेषज्ञों और युवाओं को सरकारी परियोजनाओं में काम करने का अवसर मिलेगा।
वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप राशि हस्तांतरण
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप राशि के हस्तांतरण और क्रियान्वयन को भी मंजूरी दी गई है। यह राशि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021-25 तक स्वीकृत योजनाओं के अनुरूप खर्च की जाएगी।
बिहार सरकार का फोकस: विकास, उद्योग और पर्यटन
इस कैबिनेट बैठक के फैसलों से साफ संकेत मिला है कि बिहार सरकार अब एक साथ कई क्षेत्रों पर फोकस कर रही है। एक ओर सीमाई सुरक्षा और पुलिस तंत्र को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर खेल, पर्यटन, उद्योग और ग्रामीण विकास पर बड़े निवेश किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गया-बैंकॉक सीधी उड़ान और नए औद्योगिक निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। वहीं खेल अवसंरचना और रोजगार आधारित परियोजनाएं युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगी।



