भ्रष्टाचार पर निगरानी का बड़ा प्रहार: सासाराम में एक ही दिन दो रिश्वतखोर गिरफ्तार, CO समेत तीन आरोपी दबोचे गए

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहतास जिले में एक ही दिन दो अलग-अलग ट्रैप ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
इन दोनों कार्रवाई में सासाराम अंचल के अंचलाधिकारी (CO) समेत तीन लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि दोनों कार्रवाई एक ही जिले में और एक ही दिन हुई, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं, निगरानी विभाग के महानिदेशक ने सफल कार्रवाई करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है ।
पहली कार्रवाई: 3 लाख रुपये रिश्वत लेते CO गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने निगरानी थाना कांड संख्या-061/26 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सासाराम अंचल के अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार और उनके निजी घरेलू सहायक सोनू कुमार को 3 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
यह गिरफ्तारी सासाराम के बेदा मोरसराय स्थित निजी आवास से की गई, जहां दोनों आरोपी रिश्वत की पहली किस्त ले रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी राकेश कुमार, जो वर्तमान में सासाराम अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार द्वारा दाखिल-खारिज मामलों में प्रति केस 50 हजार रुपये की मांग की जाती थी।
इतना ही नहीं, दाखिल-खारिज वाद संख्या-4499/2025-26 में अशोक प्रसाद नामक व्यक्ति से 8 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहली किस्त के रूप में 3 लाख रुपये लेने वाले हैं।
इसके बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज कर विशेष धावादल का गठन किया गया।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
जैसे ही आरोपी CO और उनका सहायक रिश्वत की राशि लेते पकड़े गए, टीम ने तुरंत दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा।
दूसरी कार्रवाई: सिविल सर्जन कार्यालय का लिपिक भी गिरफ्तार
निगरानी ब्यूरो ने दूसरी बड़ी कार्रवाई में सिविल सर्जन कार्यालय, सदर अस्पताल सासाराम में कार्यरत लिपिक सतीश कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
यह गिरफ्तारी सदर अस्पताल परिसर के सामने शिव मंदिर के पास सड़क किनारे की गई।
स्थानांतरण रोकने के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत
इस मामले की शिकायत सुनीता कुमारी ने की थी, जो वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संझौली में प्रखंड लेखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने निगरानी विभाग को बताया कि आरोपी लिपिक सतीश कुमार उनके स्थानांतरण को रोकने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था।
आरोप था कि सिविल सर्जन को रुपये पहुंचाने के बहाने 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
निगरानी ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया और रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप टीम गठित की गई।
शिव मंदिर के पास बिछाया गया जाल
पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने योजना के तहत कार्रवाई की।
जैसे ही आरोपी लिपिक ने रिश्वत की रकम ली, निगरानी टीम ने उसे मौके पर दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एक ही दिन दो सफल ट्रैप से मचा हड़कंप
रोहतास जिले में एक ही दिन दो सफल ट्रैप ऑपरेशन के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
निगरानी विभाग की लगातार कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल देखा जा रहा है।
वहीं, विभाग के महानिदेशक ने दोनों कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए शामिल टीमों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
जांच जारी
फिलहाल दोनों मामलों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो आगे की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।
क्लोजिंग लाइन
भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो की यह बड़ी कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अब रिश्वतखोरी करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।

[नीरज कुमार], [एम ए न्यूज़]



