पटना में बड़ी कार्रवाई: 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए प्रधानाध्यापक
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना जिले के सम्पतचक स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, चैनपुर के प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई मंगलवार (30 जून 2026) को निगरानी थाना कांड संख्या 076/26 के तहत की गई। आरोपी प्रधानाध्यापक को विद्यालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में रिश्वत की राशि लेते समय धावादल ने गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गौरीचक थाना क्षेत्र के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में सफल हुए 152 विद्यार्थियों के अंक प्रमाण पत्र (मार्कशीट) और सीएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) जारी करने के एवज में प्रति छात्र 400 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
पूर्व निर्धारित योजना के तहत निगरानी टीम ने जाल बिछाया और प्रधानाध्यापक को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए विद्यालय परिसर स्थित उनके कार्यालय में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।
आगे की कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि आरोपी प्रधानाध्यापक से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और विस्तृत अनुसंधान जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। इससे सरकारी विद्यालयों में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में रिश्वतखोरी पर भी सवाल खड़े हुए हैं।



