बिहारशरीफ में महान वीरांगना ऊदा देवी पासी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट ।

बिहारशरीफ: नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित नाला रोड ब्लॉक चौक पर मंगलवार को अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना ऊदा देवी पासी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता एवं गांव बचाओ संघर्ष मोर्चा के संस्थापक चंद्रशेखर प्रसाद ने की। समारोह को संबोधित करते हुए अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने कहा कि ऊदा देवी पासी का जन्म 30 जून 1830 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के उजरियावा (वर्तमान गोमती नगर) में हुआ था। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया और अपने शौर्य से इतिहास में अमिट पहचान बनाई।
उन्होंने बताया कि पति मक्का पासी की शहादत से प्रेरित होकर ऊदा देवी ने दलित महिलाओं को संगठित किया और अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया। बताया जाता है कि लखनऊ के सिकंदर बाग में उन्होंने पुरुष वेश धारण कर एक पेड़ पर चढ़कर अंग्रेज सैनिकों पर हमला किया और कई सैनिकों को मार गिराया। अंततः 16 नवंबर 1857 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान और साहस को याद करते हुए कहा कि ऊदा देवी का जीवन आज भी समाज को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और देशभक्ति की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर जिला महासचिव उमेश पंडित, कमलेश कुमार कमल, महेंद्र प्रसाद, अजीत कुमार चौधरी, जगलाल चौधरी, अजय कुमार, शैलेंद्र कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



