नेपाल में प्रलयंकारी फ्लैश फ्लड से तबाही, बिहार के छह जिले अलर्ट पर; गंडक में बढ़ सकता है पानी
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट ।

पटना/काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से भोटे कोशी (लेनदेखोला) नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। तेज रफ्तार पानी ने कई घरों, वाहनों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई जगहों पर घर और लोहे के पुल पानी के तेज बहाव में ताश के पत्तों की तरह बहते नजर आए। इस प्राकृतिक आपदा के बाद नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है, वहीं बाढ़ के संभावित असर को देखते हुए बिहार के कई जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
सुबह करीब 9 बजे अचानक आई बाढ़
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रसुवा जिले में बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी। भोटे कोशी नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने के बाद टिमूरे बाजार और सीमा क्षेत्र के कस्टम इलाके में पानी घुस गया। देखते ही देखते बाढ़ ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन बह गए। नदी किनारे मौजूद घरों और अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। सामने आए वीडियो में पानी की तेज धार के बीच बहती गाड़ियां, क्षतिग्रस्त घर और पुल दिखाई दे रहे हैं। त्रिशूली नदी में भी बाढ़ का असर देखा गया है, जहां पानी के तेज बहाव ने नदी किनारे स्थित इलाकों में खतरा बढ़ा दिया है।
टिमूरे बाजार और सीमा क्षेत्र में भारी नुकसान
बाढ़ से रसुवा के टिमूरे बाजार और सीमा नाके का कस्टम क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इलाके में कई जलविद्युत परियोजनाओं और रिहायशी बस्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
बाढ़ की चपेट में पुलिस के कई कार्यालय भी आए हैं। इलाका प्रहरी कार्यालय टिमूरे, प्रहरी चौकी स्याफू बेसी और प्रहरी चौकी रसुवा गढ़ी को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
बाढ़ का असर रसुवा से आगे नुवाकोट जिले तक भी पहुंचने की बात कही जा रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आसपास के जिलों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में लगाए गए
हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टरों को राहत और बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एयरलिफ्ट की तैयारी भी की जा रही है।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। सरकार का फोकस प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने पर है।
काठमांडू से कई जिलों की ओर यातायात रोका गया
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिंग की ओर जाने वाली गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को जोखिम वाले इलाकों में जाने से रोकना और राहत-बचाव दलों के लिए रास्ता सुरक्षित रखना है।

नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक भी बुलाई है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह प्रभावित जिलों के अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट
भोटे कोशी नदी में आए उफान के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों से होकर गुजरने वाली नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
फ्लैश फ्लड की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसमें पानी का स्तर बहुत कम समय में तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना बेहद जरूरी हो जाता है।
नेपाल की बाढ़ का असर बिहार तक पहुंचने की आशंका
नेपाल में आई इस फ्लैश फ्लड को देखते हुए बिहार में भी प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। खास तौर पर गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
आशंका जताई गई है कि गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ सकता है और करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव की स्थिति बन सकती है। इसी संभावना को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेपाल में बाढ़ की स्थिति और उसके संभावित प्रभाव की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को गंडक नदी के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।
NDRF की तैनाती, नाव और शेल्टर की तैयारी
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नाव, राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि एक टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय पर रखने की तैयारी है। बेतिया में भी NDRF की तैनाती की जा रही है।
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज और तटबंधों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है, ताकि पानी के बढ़ते दबाव की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
सरकार की अपील—घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें
बिहार सरकार ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में आई बाढ़ को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और सतर्कता जरूर बरतें। खासकर नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से किसी इलाके को खाली कराने या सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया जाता है तो उसे गंभीरता से लेने को कहा गया है।
नेपाल की तबाही ने बढ़ाई बिहार की चिंता
नेपाल में भोटे कोशी नदी के अचानक उफान और रसुवा में हुई तबाही ने एक बार फिर नेपाल से आने वाली नदियों को लेकर बिहार की संवेदनशीलता सामने ला दी है। नेपाल के पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक होने वाली भारी बारिश या फ्लैश फ्लड का असर नीचे की ओर बहने वाली नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन की नजर गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर बनी हुई है। अगले कुछ घंटों में नदी के पानी में होने वाले बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों से अपील है कि वे सुरक्षित रहें, नदी के किनारे या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है, जबकि बिहार में भी प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है।



