रेड अलर्ट के बीच पटना नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद, संवेदनशील इलाकों का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
भारी बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा, संवेदनशील स्थलों पर पंप सेट स्टैंडबाय रखने के निर्देश

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।
पटना, 5 सितंबर 2026। मानसून के रेड अलर्ट और गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच पटना नगर निगम ने जलजमाव और जलनिकासी की चुनौती से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राजधानी में भारी बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए निगम की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद नगर निगम की टीमों ने प्रमुख एवं संवेदनशील इलाकों में जलनिकासी का काम तेजी से शुरू किया। निगम के अनुसार, बारिश रुकने के लगभग एक घंटे के भीतर शहर के कई प्रमुख स्थानों से जलजमाव की समस्या दूर कर ली गई।
भारी बारिश के बावजूद खेतान मार्केट, राजेंद्र नगर, पाटलिपुत्र, गांधी मैदान, सिटी चौक, करबिगहिया, चिरैयाटांड़ पुल सहित अन्य प्रमुख इलाकों में त्वरित जलनिकासी सुनिश्चित की गई। नगर निगम की ओर से जलनिकासी पंप, मानव संसाधन और आवश्यक उपकरणों को अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलजमाव होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज
बारिश के साथ-साथ गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने नगर निगम की चुनौती बढ़ा दी है। इसे देखते हुए निगम द्वारा संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। शनिवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने निगम के अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया।
नगर आयुक्त ने कुर्जी, गोसाईं टोला, 83 नंबर गेट, सैदपुर संप, कृष्णा घाट, योगीपुर संप, एनबीसीसी संप, करबिगहिया, एयरपोर्ट रोड, खनुआ नाला, प्रेमकुंज डीपीएस समेत विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जलनिकासी की मौजूदा व्यवस्था, पंपिंग सिस्टम और गंगा के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न संभावित चुनौतियों की जानकारी ली।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि रेड अलर्ट की स्थिति को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए और जरूरत पड़ते ही अतिरिक्त संसाधनों को तत्काल लगाया जाए।
सभी संवेदनशील स्थलों पर पंप सेट स्टैंडबाय रखने के निर्देश
गंगा के जलस्तर और बारिश की संभावित स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को पूर्व में चिह्नित संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पंप सेट स्टैंडबाय रखने का निर्देश दिया है।
नगर निगम का मानना है कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद यदि दोबारा तेज बारिश होती है, तो जलनिकासी में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए पंप सेटों को ऐसी स्थिति में रखने को कहा गया है कि आवश्यकता पड़ते ही उन्हें तत्काल संचालित किया जा सके।
इसके साथ ही फील्ड टीमों को लगातार सक्रिय रखने और जलनिकासी व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निगम की टीमें संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं।
गंगा के पानी की सीपेज रोकने के लिए सैंड बैग की व्यवस्था
गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण नदी किनारे के कुछ संवेदनशील इलाकों में सीपेज की समस्या उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने सैंड बैग की व्यवस्था पर भी जोर दिया है।
नगर आयुक्त ने जल संसाधन विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गंगा किनारे और अन्य संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में सैंड बैग उपलब्ध रखने तथा उन्हें रणनीतिक स्थानों पर लगाने को कहा गया है। 
निगम की ओर से ऐसे स्थानों की पहचान कर लगातार निगरानी की जा रही है, जहां गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण पानी की सीपेज की संभावना है। जरूरत पड़ने पर सैंड बैग लगाकर सीपेज को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि इससे जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
स्लुईस गेट बंद, गंगा से जुड़े नालों को भी किया गया ब्लॉक
गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच शहर के अंदर नदी का पानी प्रवेश न करे, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी स्लुईस गेट बंद किए जा चुके हैं। वहीं, नगर निगम की ओर से गंगा से जुड़े नालों को भी ब्लॉक किया गया है।
हालांकि, गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण कुछ संवेदनशील इलाकों में सीपेज की स्थिति सामने आ रही है। ऐसे स्थानों पर निगम की टीमों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार सैंड बैग लगाए जा रहे हैं और जलनिकासी से संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जा रहा है।
24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगी नगर निगम की टीमें
रेड अलर्ट की अवधि में पटना नगर निगम की टीमें चौबीसों घंटे सतर्क रहेंगी। निगम ने जलनिकासी पंप, मानव संसाधन और जरूरी उपकरणों को तैयार स्थिति में रखा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बारिश या गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में बिना किसी देरी के आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए।
नगर निगम का मुख्य फोकस संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित जलनिकासी, लगातार निगरानी और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रिस्पॉन्स पर है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने और फील्ड टीमों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
भारी बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर की दोहरी चुनौती के बीच नगर निगम की सक्रियता से फिलहाल प्रमुख इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में बारिश और नदी के जलस्तर की स्थिति को देखते हुए निगम की टीमें लगातार अलर्ट मोड में काम करेंगी।



