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पटना में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना; 4 गिरफ्तार

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना के मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गोला रोड स्थित विवेक विहार कॉलोनी के एक मकान में बैठकर विदेशी नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कॉल के जरिए ठगी का शिकार बनाते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार लैपटॉप, नौ एंड्रॉयड मोबाइल, सात एटीएम कार्ड, 1.09 लाख रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल, हेडफोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को मुसल्लहपुर थाना की टीम रामपुर रोड पर वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार युवक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में युवक ने अपना नाम अक्षय कुमार साह बताया। पुलिस का दावा है कि सख्ती से पूछताछ करने पर उसने गोला रोड में दोस्तों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की जानकारी दी।

इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें साइबर ठगी से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज मिलने की बात सामने आई। मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को देने के बाद पुलिस टीम अक्षय द्वारा बताए गए ठिकाने पर पहुंची।

फ्लैट में चल रहा था साइबर ठगी का कथित कॉल सेंटर

पुलिस टीम स्थानीय थाना को सूचना देते हुए गोला रोड स्थित विवेक विहार कॉलोनी के एक मकान की तीसरी मंजिल पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, दरवाजा खुलते ही सामने के कमरे में दो युवक लैपटॉप और हेडफोन के साथ बैठे मिले। पुलिस टीम को देखते ही दोनों घबरा गए और उन्होंने अपने लैपटॉप जमीन पर पटक दिए। इनमें एक डेल कंपनी का लैपटॉप क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा लैपटॉप सही हालत में मिला।

पुलिस ने मौके से ओम प्रकाश ठाकुर और अभिषेक कुमार को पकड़ा। इसके बाद बगल के कमरे की तलाशी ली गई, जहां एक युवक दो लैपटॉप के साथ काम करता मिला। उसकी पहचान सत्यम कुमार के रूप में हुई।

इस तरह पुलिस ने मौके और पूछताछ के आधार पर कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

विदेशी नागरिकों के दस्तावेज और Gmail ID मिलने का दावा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की Gmail ID, पहचान पत्र और अन्य निजी दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा पुलिस को USDT लेन-देन से संबंधित स्क्रीनशॉट और एक SIP VOIP Calling Software भी मिला।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर बताया गया कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग के लिए किया जाता था। आरोप है कि आरोपी विदेशी नागरिकों को उनके कंप्यूटर में खराबी होने की बात बताकर संपर्क करते थे।

कंप्यूटर में APK और मालवेयर इंस्टॉल कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर विदेशी नागरिकों के सिस्टम में APK और मालवेयर इंस्टॉल करवाते थे। इसके बाद कंप्यूटर की कार्यप्रणाली प्रभावित कर दी जाती थी। फिर सिस्टम को ठीक करने के नाम पर विदेशी नागरिकों से अमेरिकी डॉलर में रकम वसूलने का आरोप है।

पुलिस का यह भी कहना है कि कथित तौर पर ठगी से प्राप्त रकम को हवाला के माध्यम से भारतीय मुद्रा में मंगाया जाता था। बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

4 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी संख्या में सामान बरामद

इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर निवासी ओम प्रकाश ठाकुर, सहरसा निवासी सत्यम कुमार, औरंगाबाद निवासी अभिषेक कुमार तथा पटना निवासी अक्षय कुमार साह शामिल हैं।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान:

2 मोटरसाइकिल

विभिन्न कंपनियों के 9 एंड्रॉयड मोबाइल

7 एटीएम कार्ड

1 लाख 9 हजार रुपये नकद

4 लैपटॉप

माइक लगे 2 हेडफोन

3 लैपटॉप चार्जर

1 एयरटेल नेट फाइबर

अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

बरामद किए हैं।

फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल और लैपटॉप की तकनीकी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितने समय से चल रहा था, इससे कितने विदेशी नागरिक प्रभावित हुए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और कथित वित्तीय लेन-देन के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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