फर्जी पत्रकारिता पर उठे सवालों के बीच WJAI की पहल चर्चा में, स्वच्छ छवि और प्रशिक्षित पत्रकारों का भरोसेमंद समूह तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना/नई दिल्ली। पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार और लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाने वाले क्षेत्र में इन दिनों फर्जी पहचान-पत्र, कथित प्रेस आईडी कारोबार और पत्रकारिता के नाम पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पत्रकारिता की आड़ में पहचान-पत्र हासिल करने और उसका गलत इस्तेमाल करने की आशंकाओं ने मीडिया जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। इसी बीच वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) की ओर से स्वच्छ छवि, योग्य, जिम्मेदार और प्रशिक्षित पत्रकारों को संगठन से जोड़ने की पहल चर्चा में आ गई है।
दरअसल, ग्लोबल भारत की एक वीडियो रिपोर्ट में कथित तौर पर पत्रकारिता के नाम पर प्रेस आईडी कार्ड, ऑनलाइन प्रोफाइल, सदस्यता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले पैसे वसूले जाने से जुड़े मामलों को सामने लाया गया है। रिपोर्ट में कुछ वेबसाइटों के माध्यम से अलग-अलग कीमतों पर पत्रकारिता से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों पर सवाल उठाए गए हैं। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वेबसाइटों पर इन सुविधाओं की कीमत 599 रुपये से शुरू होकर 25 हजार रुपये तक बताई गई है।
रिपोर्ट में प्रेस आईडी कार्ड, ऑनलाइन प्रोफाइल, सदस्यता और अन्य सुविधाओं के नाम पर अलग-अलग पैकेज पेश किए जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से बातचीत और संबंधित गतिविधियों के दृश्य भी दिखाए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रेस आईडी लेकर घूम रहे कुछ लोगों की गतिविधियां सवालों के घेरे में थीं। हालांकि, वीडियो रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या केवल प्रेस आईडी कार्ड हासिल कर लेने से कोई व्यक्ति पत्रकार बन जाता है? क्या पत्रकारिता का उद्देश्य सिर्फ पहचान-पत्र और सुविधाएं प्राप्त करना है, या फिर इसके पीछे समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है?
### पत्रकारिता की गरिमा पर सवाल, पहचान-पत्र और पत्रकारिता में अंतर समझना जरूरी
पत्रकारिता सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के प्रति जवाबदेही का माध्यम है। एक पत्रकार का काम केवल खबर प्रकाशित करना या कैमरे के सामने खड़ा होना नहीं है, बल्कि तथ्यों की जांच करना, दोनों पक्षों को सुनना, निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना और जनता तक सही जानकारी पहुंचाना भी है।
आज डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के विस्तार के साथ बड़ी संख्या में लोग न्यूज पोर्टल, यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रहे हैं। यह बदलाव मीडिया के लिए नए अवसर लेकर आया है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी बढ़ी हैं।
कई बार बिना पर्याप्त अनुभव, प्रशिक्षण और पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों की जानकारी के लोग इस क्षेत्र में सक्रिय हो जाते हैं। वहीं, कुछ मामलों में प्रेस आईडी या पत्रकारिता से जुड़ी सुविधाओं के नाम पर लोगों को गुमराह किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
ऐसे में जरूरी है कि पत्रकारिता के नाम पर पहचान का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की विश्वसनीयता को लेकर उचित जांच हो। केवल किसी संगठन का कार्ड या सदस्यता प्राप्त कर लेना किसी व्यक्ति को स्वतः मान्यता प्राप्त पत्रकार नहीं बना देता। प्रेस आईडी कार्ड की वास्तविक उपयोगिता संबंधित संस्थान की विश्वसनीयता, उसकी कार्यप्रणाली और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
### WJAI ने जिम्मेदार पत्रकारिता को लेकर उठाया महत्वपूर्ण कदम
फर्जी पत्रकारिता और कथित पहचान-पत्र कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने और संगठन की सदस्यता में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है।
WJAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल और राष्ट्रीय कमिटी के सदस्यों का कहना है कि पत्रकारिता की साख को बनाए रखना आज के समय की बड़ी जरूरत है। इसके लिए ऐसे लोगों को संगठन से जोड़ना जरूरी है, जिनकी छवि स्वच्छ हो, जो पत्रकारिता के प्रति गंभीर हों और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हों।
संस्था का उद्देश्य केवल सदस्यों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि एक ऐसा भरोसेमंद समूह तैयार करना है, जिसमें पत्रकारिता के पेशेवर मानकों, नैतिक मूल्यों और जनहित को प्राथमिकता दी जाए।
WJAI की ओर से यह भी जोर दिया जा रहा है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले नए लोगों को उचित मार्गदर्शन मिले और उन्हें रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, तथ्य-जांच तथा डिजिटल मीडिया की कार्यप्रणाली की जानकारी दी जाए।
### सदस्यता से पहले पृष्ठभूमि की जांच पर जोर
WJAI की सदस्यता प्रक्रिया में आवेदकों की पृष्ठभूमि और संबंधित जानकारियों की जांच को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। संस्था के अनुसार, संगठन से जुड़ने के इच्छुक लोगों के आवेदन और उपलब्ध विवरणों की जांच की जाती है। संस्था का दावा है कि पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद ही पात्र आवेदकों को सदस्यता प्रदान की जाती है।
इसके साथ ही संस्था ने सदस्यता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने की बात कही है। इसका उद्देश्य संगठन से जुड़ने वाले लोगों में आवश्यक शैक्षणिक आधार और पत्रकारिता की पेशेवर समझ को प्रोत्साहित करना है।
संस्था के मुताबिक, निर्धारित जांच प्रक्रिया से संतुष्ट होने के बाद ही सदस्यता प्रदान की जाती है और पात्र सदस्यों को प्रेस आईडी कार्ड जारी किया जाता है।
इस व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संगठन के नाम और पहचान का इस्तेमाल किसी भी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधि के लिए नहीं हो। साथ ही, संगठन से जुड़े पत्रकार अपनी पहचान के साथ-साथ अपने काम की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को भी समझें।
हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी संगठन की सदस्यता या उसके द्वारा जारी पहचान-पत्र को सरकारी मान्यता अथवा आधिकारिक प्रेस मान्यता के समान नहीं समझा जाए। पत्रकारिता से जुड़े सभी संगठनों और संस्थानों को लागू कानूनों एवं नियमों के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली स्पष्ट रखनी चाहिए।
### वेब जर्नलिस्ट्स स्टैंडर्ड अथॉरिटी की भूमिका और सदस्य पोर्टल की निगरानी
इस पूरे मामले में वेब जर्नलिस्ट्स स्टैंडर्ड अथॉरिटी (Web Journalists Standard Authority) का भी उल्लेख किया गया है। संस्था के अनुसार, यह एसआरबी (SRB) के रूप में कार्य करती है और WJAI के अंतर्गत अपने सदस्य पोर्टलों की निगरानी से संबंधित कार्य करती है।
डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच न्यूज पोर्टलों की विश्वसनीयता, समाचारों की गुणवत्ता और पत्रकारिता के मानकों को बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है। इंटरनेट पर किसी भी व्यक्ति के लिए न्यूज वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज शुरू करना अपेक्षाकृत आसान हो गया है। लेकिन किसी वेबसाइट का अस्तित्व होना और उसका जिम्मेदार पत्रकारिता करना दो अलग-अलग बातें हैं।
ऐसे में सदस्य पोर्टलों की गतिविधियों पर नजर रखना, पत्रकारिता के पेशेवर मानकों को प्रोत्साहित करना और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण हो जाता है।
WJAI से जुड़ी इस व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुशासन, जिम्मेदारी और बेहतर कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करना बताया गया है।
### कार्यशालाओं के जरिए नए पत्रकारों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
WJAI की पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष पत्रकारों का प्रशिक्षण और कौशल विकास भी है। संस्था की ओर से समय-समय पर पत्रकारिता से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। इन कार्यशालाओं में नए और उभरते पत्रकारों को पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने पर जोर रहता है।

इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
* समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बुनियादी जानकारी।
* डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज पोर्टल संचालन।
* खबरों की तथ्य-जांच और विश्वसनीय स्रोतों की पहचान।
* पत्रकारिता के नैतिक मूल्य और पेशेवर जिम्मेदारियां।
* निष्पक्ष एवं संतुलित समाचार प्रस्तुत करने की प्रक्रिया।
* सोशल मीडिया पर समाचारों के जिम्मेदार प्रसार की जानकारी।
* पत्रकारिता से जुड़े कानूनी प्रावधानों और नियमों की समझ।
संस्था का मानना है कि पत्रकारिता में आने वाले नए लोगों को शुरुआत से ही सही दिशा और मार्गदर्शन मिलना चाहिए। इससे वे खबरों की गंभीरता को समझ सकेंगे और बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
आज के समय में फेक न्यूज, भ्रामक सूचनाओं और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट खबरों की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पत्रकारों को यह समझना जरूरी है कि किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी पुष्टि करना उनकी पेशेवर जिम्मेदारी है।
### पत्रकारिता का कोर्स करने के इच्छुक सदस्यों को भी मार्गदर्शन
WJAI केवल सदस्यता देने तक अपनी भूमिका सीमित रखने के बजाय पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक लोगों को उचित सलाह और मार्गदर्शन देने पर भी जोर देती है।
संस्था के अनुसार, जो सदस्य पत्रकारिता का विधिवत कोर्स करना चाहते हैं, उन्हें उपलब्ध पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण संबंधी विकल्पों की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा, निर्धारित नियमों एवं व्यवस्थाओं के तहत प्रशिक्षण में रियायत उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जाता है।
इसका उद्देश्य उन इच्छुक लोगों को अवसर देना है, जो आर्थिक स्थिति या उचित जानकारी के अभाव में पत्रकारिता का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर पाते।
पत्रकारिता में शिक्षा और प्रशिक्षण का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि आज एक छोटी-सी गलत सूचना भी सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच सकती है। ऐसे में पत्रकारों को खबरों की पुष्टि, भाषा की मर्यादा, कानूनी सीमाओं और सामाजिक जिम्मेदारी की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
### आनंद कौशल ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने पर दिया जोर
WJAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल और राष्ट्रीय कमिटी के सदस्यों ने पत्रकारिता के नाम पर कथित तौर पर पहचान-पत्र और सुविधाएं बेचने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उनका मानना है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था पत्रकारिता की पहचान का गलत इस्तेमाल करती है, तो ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए और वास्तविक स्थिति जनता के सामने आनी चाहिए।
मीडिया संस्थानों, पत्रकार संगठनों और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को भी इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। पत्रकारिता की आड़ में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, दबाव बनाने या लोगों को गुमराह करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए।
संगठन का कहना है कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्वच्छ छवि वाले, जिम्मेदार और प्रशिक्षित लोगों को आगे लाना जरूरी है। इसके साथ ही पत्रकारों को लगातार सीखने और अपने कौशल को बेहतर बनाने के अवसर भी मिलने चाहिए।
### डिजिटल मीडिया के दौर में विश्वसनीय पत्रकारिता सबसे बड़ी जरूरत
डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता को एक नई पहचान दी है। अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी पत्रकार अपनी खबरों को देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों को उठाने में डिजिटल पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है।
लेकिन इस विस्तार के साथ यह भी जरूरी है कि पत्रकारिता के नाम पर सक्रिय प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझे। खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि करे, किसी पर आरोप लगाने से पहले संबंधित पक्ष का पक्ष जाने और किसी भी सूचना को बिना जांच के वायरल करने से बचे।
पत्रकारिता की असली पहचान किसी कार्ड, पद या संगठन के नाम से नहीं, बल्कि उसके काम, निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनता के प्रति जवाबदेही से बनती है।
इसी दिशा में WJAI की ओर से सदस्यता की जांच, पुलिस वेरिफिकेशन, शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण और कार्यशालाओं पर दिया जा रहा जोर चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुल मिलाकर, फर्जी पत्रकारिता और कथित प्रेस आईडी कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच असली चुनौती पत्रकारिता की साख को बचाने की है। इसके लिए केवल नियम बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनका पारदर्शी तरीके से पालन, पत्रकारों का निरंतर प्रशिक्षण और जिम्मेदार संस्थागत व्यवस्था भी जरूरी होगी। WJAI का दावा है कि वह स्वच्छ छवि वाले, जिम्मेदार और प्रशिक्षित पत्रकारों का एक ऐसा समूह तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जो पत्रकारिता की गरिमा, विश्वसनीयता और जनहित को सर्वोपरि रखे।
M A News Desk
नोट: इस खबर में WJAI की सदस्यता, प्रशिक्षण और संगठनात्मक व्यवस्था से संबंधित विवरण संस्था की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।



