बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 17 एजेंडों पर लगी मुहर, मखाना विकास और विष्णुपद कॉरिडोर समेत कई योजनाओं को मंजूरी
लोकेशन : पटना M A News Desk नीरज कुमार के रिपोर्ट

बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, धार्मिक पर्यटन, जल संसाधन, खनन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कैबिनेट ने कुल 17 एजेंडों पर अपनी मंजूरी दी है।
बैठक में खास तौर पर वर्ष 2026-27 के लिए मखाना विकास योजना, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों पर नियुक्ति, पाम की खेती को बढ़ावा देने, गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास और ईंट-भट्ठा संचालकों के बकाये के निपटारे से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मखाना विकास योजना के लिए करीब 90 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र की मखाना विकास योजना के तहत 89 करोड़ 79 लाख 68 हजार 400 रुपये की राशि मंजूर की गई है।
बिहार मखाना उत्पादन के लिए प्रमुख राज्यों में शामिल है। ऐसे में इस योजना के जरिए मखाना उत्पादन, किसानों को सहायता और इससे जुड़े विकास कार्यों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 366 पदों पर संविदा नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के खाली 366 पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
यह नियुक्तियां तब तक की जाएंगी, जब तक इन पदों पर नियमित यानी स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती।
जिन पांच मेडिकल कॉलेजों में इन पदों पर नियुक्ति की जाएगी, उनमें बेतिया मेडिकल कॉलेज, पूर्णिया मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज, छपरा स्थित सारण मेडिकल कॉलेज और समस्तीपुर स्थित राम जानकी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
इस फैसले से इन संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और खाली पदों के कारण होने वाली परेशानी को कम करने की कोशिश की गई है।
दंत चिकित्सा कॉलेज में भी संविदा पर नियुक्ति
कैबिनेट ने दंत चिकित्सा कॉलेज एवं अस्पताल में खाली पदों पर भी नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियुक्ति की अनुमति दी है।
इन पदों में प्रोफेसर, सह-प्रोफेसर, रीडर और व्याख्याता के पद शामिल हैं। सरकार का यह फैसला चिकित्सा और दंत चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिना सूचना लंबे समय से गैरहाजिर चिकित्सा पदाधिकारी की सेवा समाप्त
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अन्य मामले पर भी फैसला लिया गया।
डॉ. रवि शंकर प्रसाद, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी, बहादुरपुर, अलौली, खगड़िया के संबंध में सेवा से हटाने की मंजूरी दी गई है। बताया गया कि वे 17 नवंबर 2021 से बिना सूचना के गैरहाजिर थे।
लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने के मामले में कैबिनेट ने उनकी सेवा समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए 2.10 करोड़ रुपये
बिहार में खाद्य तेल के उत्पादन को बढ़ाने और तेल के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कैबिनेट ने कदम बढ़ाया है।
नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत वर्ष 2026-27 में कार्यों के लिए 2 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।
इस योजना का उद्देश्य पाम की खेती को बढ़ावा देना और देश में खाद्य तेल की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम करना है।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए 78 करोड़ से अधिक
कैबिनेट ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वर्ष 2026-27 से 2027-28 तक के लिए 78 करोड़ 34 लाख 22 हजार रुपये की राशि मंजूर की है।
इस योजना के माध्यम से बागवानी क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।
विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का होगा बड़े स्तर पर विकास
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास से जुड़ा रहा।
गया जिले में स्थित विष्णुपद मंदिर क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए सरकार ने 3,516 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।
इस परियोजना के तहत मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाके में कई बड़े निर्माण एवं विकास कार्य किए जाएंगे।
प्रस्तावित कार्यों में मल्टी लेवल कार पार्किंग, एलिवेटेड पथ, मानपुर ब्रिज रैंप, घाटों का विकास, डॉरमेट्री और कैंटीन समेत कई सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा सीता कुंड के निर्माण से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
सोन नदी का पानी उत्तर कोयल मुख्य नहर तक पहुंचाने की योजना
कैबिनेट ने जल संसाधन से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इंद्रपुरी बराज से करीब 23 किलोमीटर ऊपर एक इंटक वेल बनाए जाने की योजना है। इसके माध्यम से सोन नदी के पानी को पाइप के जरिए उत्तर कोयल मुख्य नहर तक पहुंचाया जाएगा।
इस परियोजना को जल संसाधन से जुड़ी व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईंट-भट्ठा संचालकों के 266 करोड़ रुपये के बकाये के लिए वन टाइम सेटलमेंट
बिहार में ईंट-भट्ठा संचालकों से जुड़े बकाये के मामले में भी कैबिनेट ने राहत देने वाला फैसला लिया है।
वर्ष 2024-25 तक ईंट-भट्ठा संचालकों पर करीब 266 करोड़ रुपये के बकाये के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है।
इस योजना के माध्यम से पुराने बकाये के निपटारे का रास्ता तैयार किया गया है।
बिहार सूचना आयोग में दो अतिरिक्त पद
कैबिनेट ने बिहार सूचना आयोग में दो अतिरिक्त पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा जल संसाधन विभाग के लिए आकस्मिक निधि से 1,000 करोड़ रुपये अग्रिम खर्च करने की अनुमति दी गई है।
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में छह नए पद
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल के लिए कुल छह पद सृजित किए गए हैं।
इनमें चार अनुदेशक और दो लिपिक के पद शामिल हैं। इन पदों के लिए 45 लाख 98 हजार 832 रुपये की राशि मंजूर की गई है।
नई नियमावलियों को भी कैबिनेट की मंजूरी
बैठक में बिहार राज्य विमानन से संबंधित भर्ती नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली 2026 को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है।
कुल मिलाकर कई क्षेत्रों में बड़े फैसले
बिहार कैबिनेट की इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों को भरने, कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने, मखाना उत्पादन के लिए राशि उपलब्ध कराने, खाद्य तेल के उत्पादन को बढ़ाने, धार्मिक पर्यटन के लिए विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास और जल संसाधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई।
कुल 17 एजेंडों पर लगी मुहर के जरिए सरकार ने अलग-अलग विभागों से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। खास तौर पर 3,516 करोड़ रुपये के विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट, 366 मेडिकल कॉलेज पदों पर संविदा नियुक्ति और मखाना विकास योजना के लिए करीब 90 करोड़ रुपये की मंजूरी इस बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल रहे।



