नालंदा में 28 हजार रुपये रिश्वत लेते प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी गिरफ्तार, सितंबर में ही 101वां ट्रैप
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

नालंदा: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कराय परसुराय प्रखंड के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई 23 सितंबर 2026 को नालंदा स्थित कराय परसुराय प्रखंड कार्यालय परिसर में की गई।
जानकारी के अनुसार, परिवादी अभिषेक कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पैक्स प्रबंधक की नियुक्ति के बाद पूर्व पैक्स प्रबंधक द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले में जांच रिपोर्ट और प्रभार प्रतिवेदन भेजने के एवज में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर निगरानी थाना कांड संख्या 110/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक रीता सिन्हा के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया।
धावादल ने कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 110वीं प्राथमिकी है। खास बात यह है कि ट्रैप से जुड़े मामलों की संख्या 101 तक पहुंच गई है। अब तक 102 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में कुल 37 लाख 22 हजार 800 रुपये की रिश्वत बरामद की गई है, जबकि एक वाशिंग मशीन भी बरामद हुई है।
वर्ष 2025 में भी निगरानी ब्यूरो ने कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए थे। इस तरह इस साल सितंबर महीने में ही पिछले पूरे वर्ष के 101 ट्रैप मामलों की संख्या बराबर हो गई है।



