बिहारशरीफ में सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक, EVM, पेपर लीक और UGC नियमों पर उठे सवाल
एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट।

बिहारशरीफ के खंदकपर स्थित रॉयल पैलेस होटल में सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोकतंत्र, संविधान, चुनाव प्रक्रिया, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और यूजीसी के नए नियमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर प्रसाद ने की।
बैठक में शामिल वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में EVM मशीनों के इस्तेमाल के जरिए लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि देश का संविधान खतरे में है और आम जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से छात्र और युवा वर्ग बेहद परेशान हैं तथा उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

बैठक के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ देश की जनता से सोना नहीं खरीदने, तेल की बचत करने और विदेश यात्रा से बचने की अपील की जाती है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री लगातार विदेश दौरों पर जा रहे हैं। साथ ही नेताओं और मंत्रियों के लंबे काफिलों पर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि देश की जनता आखिर कब तक त्याग करती रहेगी और सरकार की जिम्मेदारी क्या है, इस पर भी विचार होना चाहिए।
बैठक में उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों में भेदभाव के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन यानी UGC ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम जारी किए हैं, जिनमें पहली बार “जाति आधारित भेदभाव” को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। बताया गया कि 2012 के नियमों की तुलना में नए संशोधित नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों एवं शिक्षकों के खिलाफ होने वाले जातीय भेदभाव को विशेष रूप से परिभाषित किया गया है।

बैठक में यह भी कहा गया कि UGC के 2025 मसौदा नियमों में झूठी शिकायतों पर सजा का जो प्रावधान था, उसे नए नियमों में हटा दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव खत्म करने की मांग उठाई।
बैठक में कई अहम प्रस्ताव भी रखे गए। वक्ताओं ने मांग की कि:
UGC बिल 2026 को लागू किया जाए।
देश में समान शिक्षा प्रणाली लागू हो।
न्यायिक नियुक्तियों में कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त की जाए।
UPSC और BPSC की तर्ज पर परीक्षा लेकर जजों की नियुक्ति हो।
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव खत्म किया जाए।
EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।
निजी स्कूलों और कॉलेजों का सरकारीकरण किया जाए।
लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों की न्यायिक जांच कराई जाए।

बैठक में अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदेव चौधरी, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव महेंद्र प्रसाद, दिलीप कुमार, परमेश्वर प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, जोगेंद्र प्रसाद, आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला सचिव शाहनवाज, आम जनता पार्टी ‘इंडिया’ के राष्ट्रीय सचिव सम्राट रंजीत चौधरी, राजनंदन मौर्य, लालती देवी समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक के अंत में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।



