जहानाबाद में 50 लाख की शराब बरामद, लेकिन असली माफिया तक कब पहुंचेगा कानून ?
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट

जहानाबाद: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब की बड़ी खेप लगातार पकड़ी जा रही है। जहानाबाद में 50 लाख रुपये से अधिक की विदेशी शराब बरामद होने के बाद एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं—आखिर इतनी बड़ी खेप बिहार तक पहुंच कैसे रही है? क्या कार्रवाई सिर्फ ट्रक चालक और छोटे तस्करों तक सीमित रह जाएगी, या इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद बड़े शराब माफियाओं तक भी कानून पहुंचेगा?

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की टीम ने गया-पटना मुख्य मार्ग पर उमता धरणई के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रक में बना गुप्त तहखाना मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। बरामद शराब की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

मामले में राजस्थान निवासी ट्रक चालक प्रवीण सिंह और उसके सहयोगी राजेश कुमार मीणा को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में चालक ने दावा किया कि हरियाणा से पटना तक ट्रक पहुंचाने के लिए उसे करीब 20 हजार रुपये देने की बात कही गई थी और उसने शराब छिपाए जाने की जानकारी से इनकार किया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस शराब की खेप का असली मालिक कौन है? हरियाणा से शराब किसने भेजी, बिहार में इसे किसके पास पहुंचना था और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं?

विभाग की टीम फिलहाल बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। अगर जांच सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सिमट गई तो बड़े सवाल अनुत्तरित रह जाएंगे। बिहार में शराबबंदी का कानून कागजों पर नहीं, जमीन पर पूरी तरह कब प्रभावी होगा और शराब के बड़े नेटवर्क पर कब निर्णायक कार्रवाई होगी—इसका जवाब अब जांच के नतीजों से मिलेगा।




