पटना के बाढ़ में चार युवकों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, जहरीली शराब की आशंका के बाद फोरलेन जाम; जांच में जुटी पुलिस
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे बाढ़ अनुमंडल के बेढना गांव के सैदपुर टोला में एक साथ चार युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों युवकों की तबीयत कथित तौर पर शराब पीने के बाद बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में जहरीली शराब के सेवन की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि गांव के एक घर में कथित तौर पर शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान शराब पीने के बाद कुछ युवकों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के मुताबिक, तबीयत खराब होने के बाद उनके मुंह से झाग निकलने लगा। आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चारों युवकों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान रामाकांत सिंह के बेटे शशि कुमार, बिरजू राम के बेटे विकास राम, नंदे सिंह के बेटे पंकज सिंह और राजू सिंह के बेटे निशु कुमार के रूप में बताई जा रही है। एक साथ चार लोगों की मौत की खबर सामने आते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक साथ चार मौतों से गांव में मचा हड़कंप
सैदपुर टोला में एक साथ चार युवकों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि युवकों ने कथित तौर पर शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। हालांकि, पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत की असली वजह क्या थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चारों युवकों ने क्या सेवन किया था, वह पदार्थ कहां से आया और सेवन के बाद उनकी तबीयत किस तरह बिगड़ी।
फिलहाल पुलिस की ओर से जहरीली शराब से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले मौत की वजह को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
मिली जानकारी के अनुसार, चारों युवक एक स्थान पर मौजूद थे। इसी दौरान कथित तौर पर शराब का सेवन किया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में उनकी हालत गंभीर हो गई और मुंह से झाग निकलने लगा।
परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाढ़ अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन चारों युवकों को बचाया नहीं जा सका।
चार युवकों की मौत के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीण जहरीली शराब की आशंका जता रहे हैं, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के बाद बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन पर विरोध प्रदर्शन
चार युवकों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मांग है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और यदि जांच में शराब से मौत की पुष्टि होती है तो शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने शराबबंदी कानून के बावजूद कथित तौर पर शराब की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि अगर राज्य में शराबबंदी लागू है, तो आखिर शराब लोगों तक कैसे पहुंच रही है और अवैध कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
शराबबंदी के बावजूद शराब की उपलब्धता पर उठे सवाल
चार संदिग्ध मौतों के बाद एक बार फिर बिहार में शराबबंदी और अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर बहस तेज हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराबबंदी के बावजूद कई इलाकों में अवैध रूप से शराब की बिक्री होने की चर्चा सामने आती रहती है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि शराब की बिक्री या सप्लाई हो रही थी तो उस पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब कहां से आई और इस मामले में किसी की संलिप्तता थी या नहीं।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी ने अवैध शराब उपलब्ध कराई है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चारों युवकों ने क्या सेवन किया था और वह पदार्थ उन्हें कहां से मिला। इसके अलावा, उस घर और घटनास्थल की भी जांच की जा रही है जहां कथित तौर पर शराब पार्टी होने की बात सामने आई है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि चारों युवकों की तबीयत एक साथ क्यों बिगड़ी और क्या उनके सेवन किए गए पदार्थ में कोई जहरीला तत्व मौजूद था।
परिजनों में कोहराम, ग्रामीणों में आक्रोश
चार युवकों की मौत के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। अचानक हुई मौत से परिजन सदमे में हैं। वहीं, गांव के लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश है।
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जल्द से जल्द जांच पूरी की जाए और मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जाए। साथ ही, यदि जहरीली शराब या किसी अन्य अवैध पदार्थ की पुष्टि होती है तो उससे जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चार युवकों की एक साथ मौत कैसे हुई? क्या वाकई जहरीली शराब इसका कारण बनी या मौत के पीछे कोई दूसरी वजह है? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच, मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।



