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आय से अधिक संपत्ति मामले में अधीक्षण अभियंता के ठिकानों पर निगरानी की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना/पूर्णिया: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र कुमार चौधरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी थाना कांड संख्या 109/26 में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद बुधवार, 16 सितंबर 2026 को उनके पटना और पूर्णिया स्थित ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई में अब तक करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, निवेश के कागजात, आभूषण, नकदी और अन्य सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, सत्येन्द्र कुमार चौधरी भवन निर्माण विभाग, पूर्णिया प्रमंडल में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 109/26 दिनांक 14 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

करीब 1.97 करोड़ रुपये के प्रत्यानुपातिक धनार्जन का मामला

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक प्राथमिकी अभियुक्त सत्येन्द्र कुमार चौधरी के खिलाफ 1 करोड़ 97 लाख 58 हजार 70 रुपये के प्रत्यानुपातिक धनार्जन का मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान उनकी आय और उनके तथा उनके परिजनों के नाम से अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर पाए जाने का दावा किया गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, सत्येन्द्र कुमार चौधरी, उनकी पत्नी उषा देवी और परिजनों के नाम पर वर्ष 2011 से 2025 के बीच कुल सात अचल संपत्तियों के खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इनमें फुलवारी शरीफ में जमीन पर निर्मित मकान, नौबतपुर में चार जमीनें और दानापुर में एक जमीन शामिल है।

निगरानी के अनुसार इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 3 करोड़ 60 लाख 58 हजार 70 रुपये आंका गया है, जबकि करीब 26 लाख रुपये की चल संपत्ति का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति उनकी कुल ज्ञात आय से करीब 68 प्रतिशत अधिक है।

तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी

निगरानी ब्यूरो ने तलाशी के लिए विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 16 सितंबर को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तीन अलग-अलग तलाशी टीमों ने अभियुक्त के तीन ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की।

इनमें पटना स्थित दो आवास और पूर्णिया स्थित कार्यालय/आवास शामिल हैं। तलाशी के दौरान अधिकारियों की टीम ने संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। एजेंसी के मुताबिक तलाशी अभियान देर रात तक जारी रहने की संभावना है।

पांच मंजिला आलीशान मकान भी जांच के दायरे में

तलाशी के दौरान फुलवारी शरीफ में स्थित एक पांच मंजिला, लिफ्टयुक्त और सोलर पैनल से युक्त मकान का भी पता चला है। निगरानी ब्यूरो के मुताबिक मकान में कई महंगे फर्नीचर और अन्य सामान मौजूद हैं। इस भवन का विधिवत मूल्यांकन कराया जाएगा, जिसके बाद इसकी वास्तविक कीमत का आकलन किया जाएगा।

इसके अलावा एजी कॉलोनी स्थित एक संयुक्त तीन मंजिला मकान भी तलाशी के दौरान सामने आया है। निगरानी अधिकारियों के अनुसार इस भवन का भी विधिवत मूल्यांकन कराया जाना है।

नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद

तलाशी के दौरान अब तक 1 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सोना, चांदी और हीरे के आभूषण भी मिले हैं। इन आभूषणों का फिलहाल विधिवत मूल्यांकन कराया जा रहा है। मूल्यांकन पूरा होने के बाद इनकी अनुमानित कीमत सामने आने की संभावना है।

ग्रेटर नोएडा में फ्लैट का भी पता चला

जांच के दौरान निगरानी टीम को ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट होने की जानकारी भी मिली है। इस संपत्ति की जांच कराई जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उक्त संपत्ति किसके नाम पर है और इसे खरीदने में धन का स्रोत क्या था।

इसके साथ ही बैंक खातों और एलआईसी में किए गए निवेश से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज भी तलाशी के दौरान बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के बाद अभियुक्त और उनके परिजनों के निवेश से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने आने की संभावना है।

हुंडई कार भी मिली

तलाशी के दौरान एक हुंडई कंपनी की कार भी मिली है। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा अभियुक्त और उनके परिजनों के नाम पर मौजूद अन्य चल-अचल संपत्तियों तथा वित्तीय निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

देर रात तक जारी रह सकती है कार्रवाई

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक तीनों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों की टीमें लगातार दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। संभावना है कि तलाशी अभियान देर रात तक जारी रहेगा।

जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों का विधिवत सत्यापन एवं मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निगरानी ब्यूरो के अनुसार अनुसंधान और आगे की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में बरामद दस्तावेजों, संपत्तियों और निवेश के स्रोतों की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नोट: यह खबर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।

 

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