आर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिग बालिकाओं के शोषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 40 का रेस्क्यू, 15 गिरफ्तार
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

मधुबनी: जिले में आर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिग बालिकाओं से कथित तौर पर काम कराने और उनके शोषण के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), बिहार, पटना एवं मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निर्देश पर वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी के आदेश से 14 और 15 सितंबर की रात जिले के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया।
पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना के नेतृत्व में महिला थाना, संबंधित थाना पुलिस, एएचटीयू, मानवाधिकार संस्था और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम ने बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली, लौकहा समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित आर्केस्ट्रा प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान कुल 40 नाबालिग बालिकाओं को रेस्क्यू किया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नाबालिग बालिकाओं को आर्केस्ट्रा में काम कराने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान आर्केस्ट्रा संचालक समेत 12 पुरुष और 3 महिला कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में महिला थाना मधुबनी में कांड संख्या 64/26, दिनांक 15 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ जेजे एक्ट, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम और पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। गिरफ्तार पुरुष आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया की गई है।
रेस्क्यू की गई सभी नाबालिग बालिकाओं को महिला थाना मधुबनी लाया गया है। पुलिस के मुताबिक, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी बालिकाओं को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और आर्केस्ट्रा संचालन के पीछे नाबालिग बालिकाओं को काम पर लगाने वाले नेटवर्क तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस विशेष अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक रश्मि कुमारी, साइबर डीएसपी अकुर कुमार, एएचटीयू प्रभारी सुनील कुमार, सीसीटीएनएस प्रभारी अमित कुमार, नगर थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी शमशाद आलम, महिला थाना अध्यक्ष रीना भारती सहित पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे।



