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बिहार के विकास में अभियंताओं की अहम भूमिका, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा- 2047 तक बिहार को फिर दिलाना है गौरवशाली अतीत

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना, 15 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास, 3 स्ट्रैंड रोड, पटना में आयोजित ‘भगवान विश्वकर्मा के संतान अभियंताओं का अभिनंदन सम्मान-सह-अभियंता संगोष्ठी’ कार्यक्रम में अभियंताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दीप भी प्रज्वलित किया। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, जो स्वयं भी अभियंता हैं, सहित अन्य अभियंताओं को अंगवस्त्र और पौधा भेंटकर सम्मानित किया।

अभियंताओं के योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं का सम्मान किया जाना जरूरी है, क्योंकि बिहार के विकास और निर्माण कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर उन्होंने कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से अभियंताओं के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही थी। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए कृषि मंत्री का धन्यवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में आधारभूत संरचना के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हुए हैं। गरीबों के लिए करीब 50 लाख पक्के मकानों के निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में 60 लाख और पक्के मकान बनाए जाने का लक्ष्य है, जिसका लाभ बिहार के गरीब परिवारों को भी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बिहार में भी आधारभूत संरचना, भवन निर्माण और कई अन्य सेक्टरों में लगातार काम हुआ है। इन सभी कार्यों में अभियंताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

बेहतर गुणवत्ता के साथ नया इतिहास रचेंगे अभियंता

मुख्यमंत्री ने अभियंताओं से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अभियंता बेहतर गुणवत्ता के साथ-साथ निर्माण कार्य की अपनी विशिष्ट शैली के जरिए नया इतिहास रचते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पूंजी की बचत के साथ तकनीकी दक्षता और मेहनत का इस्तेमाल जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बिहार को एक समृद्ध प्रदेश बनाना सरकार का लक्ष्य है। वर्ष 2047 तक बिहार को ऐसा विकसित प्रदेश बनाना है, जो अपने गौरवशाली अतीत को फिर से प्राप्त कर सके। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभियंताओं समेत समाज के सभी वर्गों के सहयोग की आवश्यकता है।

बाढ़ के स्थायी समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार लंबे समय से बाढ़ से प्रभावित रहा है। इस वर्ष सामान्य से 34 प्रतिशत कम वर्षापात होने के बावजूद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में गाद नीति को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही कोसी, गंडक और गंगा जैसी प्रमुख नदियों को व्यवस्थित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन, कृषि और अन्य निर्माण कार्यों में अभियंताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार अभियंताओं के हुनर और तकनीकी क्षमता की कद्र करती है। उन्होंने कहा कि बिहार में वास्तविक बदलाव तभी आएगा, जब इंजीनियर पूरी मजबूती और जिम्मेदारी के साथ जमीन पर योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करेंगे।

कृषि मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी किया संबोधित

कार्यक्रम को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी ने भी संबोधित किया। इससे पहले कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हरित पौधा और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरूण शंकर प्रसाद, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अभियंता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में सभी अभियंताओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बिहार के विकास में लगातार योगदान देने का आह्वान किया।

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