बिहार में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई: पटना, शेखपुरा और जहानाबाद में रिश्वत लेते तीन सरकारी कर्मी गिरफ्तार
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

**पटना।** बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। एक ही दिन में अलग-अलग मामलों में **पटना, शेखपुरा और जहानाबाद** में कार्रवाई करते हुए निगरानी की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में तीन सरकारी कर्मियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पुलिस अवर निरीक्षक, एक जिला परिवहन कार्यालय का निम्नवर्गीय लिपिक और एक कनीय अभियंता शामिल है। तीनों मामलों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को शिकायत मिलने के बाद सत्यापन कराया गया और आरोप सही पाए जाने पर अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई की।
## पटना में यातायात थाना के पुलिस अवर निरीक्षक गिरफ्तार
पहली कार्रवाई पटना में की गई, जहां **जेपी गंगा पथ यातायात थाना से जुड़े पुलिस अवर निरीक्षक उमेश साह** को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। निगरानी विभाग के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक परिवहन संबंधी मामले में कार्रवाई के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के आरोप को सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद निगरानी की टीम ने जाल बिछाकर पुलिस अवर निरीक्षक को **10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार** कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में भी हड़कंप मच गया।
## शेखपुरा जिला परिवहन कार्यालय में 15 हजार की रिश्वत का आरोप
दूसरी बड़ी कार्रवाई **शेखपुरा जिला परिवहन कार्यालय** से जुड़ी है। यहां **निम्नवर्गीय लिपिक कुणाल कुमार** को **15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार** किया गया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क कर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परिवहन कार्यालय से जुड़े एक काम को लेकर आरोपी कर्मचारी द्वारा पैसे की मांग की जा रही थी।
निगरानी की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई की। इसके बाद पूर्व निर्धारित योजना के तहत निगरानी अधिकारियों ने जाल बिछाया और आरोपी लिपिक को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए निगरानी विभाग के अधिकारियों के समक्ष ले जाया गया।
## जहानाबाद में मनरेगा के कनीय अभियंता पर कार्रवाई
तीसरी कार्रवाई **जहानाबाद जिले** में हुई, जहां **मनरेगा से जुड़े कनीय अभियंता अमन कुमार** को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। निगरानी विभाग की टीम ने आरोपी को **20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार** किया है।
बताया गया कि शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप था कि एक कार्य से संबंधित भुगतान या प्रक्रिया को लेकर रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की।
जांच और सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के आरोप की पुष्टि होने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। इसके बाद निगरानी की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए कनीय अभियंता को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया।
## तीन अलग-अलग विभागों में एक ही दिन कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी पर कार्रवाई हुई, वहीं दूसरी ओर परिवहन विभाग और मनरेगा से जुड़े कर्मचारी भी निगरानी के शिकंजे में आ गए।

तीनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद सीधे गिरफ्तारी नहीं की गई, बल्कि पहले निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद विशेष टीमों का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई।
## भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी का सख्त संदेश
लगातार हो रही ट्रैप कार्रवाई से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने साफ संकेत दिया है कि रिश्वतखोरी की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। आम लोगों से भी अपील की जाती है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय या अधिकारी द्वारा अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है, तो इसकी शिकायत संबंधित जांच एजेंसी से की जा सकती है।
फिलहाल, **पटना में 10 हजार रुपये, शेखपुरा में 15 हजार रुपये और जहानाबाद में 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में तीन सरकारी कर्मियों की गिरफ्तारी** के बाद आगे की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ संबंधित मामलों के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
### **मुख्य बातें**
* पटना में पुलिस अवर निरीक्षक **10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार**
* शेखपुरा में जिला परिवहन कार्यालय का लिपिक **15 हजार रुपये लेते पकड़ा गया**
* जहानाबाद में मनरेगा से जुड़े कनीय अभियंता पर **20 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप**
* निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शिकायतों के सत्यापन के बाद की कार्रवाई
* तीन अलग-अलग मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी



