राघोपुर बांध हादसे में ठेकेदार पर प्राथमिकी, तैनात अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट।

भागलपुर/नवगछिया। राघोपुर में तटबंध टूटने के बाद गंगा में नाव पलटने और दो मजदूरों के लापता होने की घटना को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। वहीं, बांध मरम्मत कार्य की निगरानी में तैनात अधिकारियों और संबंधित अभियंताओं से भी शोकॉज किया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचीं डीएम अलंकृता पांडेय ने कहा कि ठेकेदार को पहले ही सुरक्षा मानकों का पालन करने, लाइफ जैकेट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसी को लेकर ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।
कार्यपालक अभियंता की गैरमौजूदगी पर भी रिपोर्ट तलब
डीएम ने घटना के समय कार्यपालक अभियंता के मौके पर मौजूद नहीं रहने को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में भी रिपोर्ट मांगी गई है। बताया गया कि गंगा में नाव डूबने के बाद ठेकेदार दूसरी जगह से जियो बैग लाकर कटाव स्थल पर डाल रहा था। इसी दौरान तेज पानी के बहाव के बीच कटाव स्थल पर पहुंचते ही नाव अनियंत्रित होकर जियो बैग और मजदूरों समेत पलट गई।

हादसे के दौरान गंगा में पानी का करंट काफी तेज था। कुछ लोगों ने तैरकर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि SDRF की टीम ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दो मजदूर अब भी लापता
हादसे के बाद से दो मजदूरों की तलाश जारी है। लापता मजदूरों की पहचान खरीक थाना क्षेत्र के लोदीपुर निवासी 32 वर्षीय बादल मंडल और रंगरा थाना क्षेत्र के सिमरिया निवासी 55 वर्षीय सिकंदर मंडल के रूप में हुई है। SDRF की टीम लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चला रही है।
नाव से नहीं होगा अब मरम्मत कार्य
डीएम ने कहा कि बांध की मरम्मत का काम आवश्यकता को देखते हुए जारी रहेगा, लेकिन अब मरम्मत कार्य में नाव का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। जियो बैग को ट्रैक्टर के माध्यम से कटाव स्थल तक पहुंचाकर डंप कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और बचाव दल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं तथा पूरे मामले की लगातार निगरानी की जा रही है।



