बिहारशरीफ में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक, MSP कानून की गारंटी समेत कई मांगों पर हुई चर्चा
एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट

बिहारशरीफ/नालंदा:
बिहारशरीफ के नाला रोड स्थित सामुदायिक भवन में संयुक्त किसान मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव बचाओ संघर्ष मोर्चा एवं किसान नेता चंद्रशेखर प्रसाद ने की। बैठक में किसानों की आर्थिक स्थिति, फसलों के उचित मूल्य, कृषि कानून, खाद-बीज की उपलब्धता तथा किसानों के आंदोलन को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आज देश का किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वे आत्महत्या करने तक को मजबूर हो रहे हैं। नेताओं ने सरकार से मांग की कि किसानों द्वारा उपजाई जाने वाली प्रत्येक फसल पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी दी जाए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम मिल सके।
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि किसानों को सस्ते दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही खेती के लिए मुफ्त बिजली एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों ने कहा कि बढ़ती लागत और घटती आमदनी के कारण खेती करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इसलिए सरकार को किसानों को राहत देने के लिए खाद एवं उत्तम बीज सस्ते दर पर उपलब्ध कराना चाहिए।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों के लंबे आंदोलन और संघर्ष के कारण केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा था, लेकिन वे कानून अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं और भविष्य में फिर लागू किए जा सकते हैं। इसलिए किसानों को सतर्क और संगठित रहने की आवश्यकता है।
बैठक में वक्ताओं ने धान एवं गेहूं की तरह आलू और प्याज की खरीद भी सरकारी व्यवस्था के तहत कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पैक्स (PACS) के माध्यम से आलू एवं प्याज की खरीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को बिचौलियों से राहत मिल सके और उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
बैठक के दौरान यूरिया खाद के मुद्दे को भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि यूरिया की बोरी पर “Made in China” लिखा रहता है और उसके नीचे “आत्मनिर्भर भारत” का नारा दिया जाता है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों का विरोधाभास बताते हुए कहा कि विदेशी उत्पादों पर निर्भर रहकर आत्मनिर्भर भारत की कल्पना संभव नहीं है।
किसान नेताओं ने मजदूरों और किसानों के आंदोलनों को लेकर सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों और किसानों के मुद्दों का समाधान करने के बजाय सरकार अन्य मुद्दों में जनता को उलझाने का प्रयास कर रही है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आगामी 15 जून को नालंदा जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस धरने के माध्यम से किसानों की विभिन्न मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में अतिपिछड़ा दलित अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव मुनीलाल यादव, जिला सदस्य दिनेश यादव, जनार्दन प्रसाद, अवधेश प्रसाद, शाहनवाज, जन कल्याण संघ एक आवाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक सत्येंद्र पासवान, जिला अध्यक्ष राकेश पासवान, आम जनता पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय सचिव सम्राट रंजीत चौधरी, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला महासचिव महेंद्र प्रसाद, कमलेश कुमार, कमल सुखसागर प्रसाद सहित कई किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में नेताओं ने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, सस्ती खेती की सुविधा और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



