जब रक्षक पर ही लगे भक्षक बनने के आरोप, DGP से गुहार लगाने पहुंची मां-बेटी
एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना: राजधानी पटना में बिहार पुलिस के एक सिपाही पर उसकी पत्नी के साथ मारपीट, प्रताड़ना, धमकी और परिवार को परेशान करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित विद्युत बोर्ड कॉलोनी से जुड़ा है। आरोपों से परेशान मां-बेटी शुक्रवार को बिहार पुलिस मुख्यालय पहुंचीं और डीजीपी के समक्ष अपनी शिकायत रखते हुए न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई।
पीड़ित महिला की पहचान सविता देवी के रूप में हुई है, जबकि उनकी बेटी सपना सिंह इस मामले में मुख्य पीड़िता बताई जा रही हैं। मां-बेटी का आरोप है कि सपना के पति और बिहार पुलिस में कार्यरत सिपाही गौतम कुमार ने उनके साथ मारपीट की और सपना को घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि शिकायत के बावजूद उन्हें अब तक अपेक्षित पुलिस सहायता नहीं मिल सकी है।
बेटी की शादी के बाद शुरू हुआ विवाद, मां ने लगाए गंभीर आरोप
सविता देवी के अनुसार, उन्होंने अपनी बेटी सपना सिंह की शादी 10 दिसंबर 2024 को पटना स्थित इस्कॉन मंदिर में गौतम कुमार के साथ की थी। उनका दावा है कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर बेटी की शादी की और शादी के दौरान दामाद को कई सामान दिए। जरूरत पड़ने पर आर्थिक मदद भी की गई।
सविता देवी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद उनकी बेटी को पति गौतम कुमार के कथित पुराने संबंधों के बारे में जानकारी मिली। महिला का दावा है कि गौतम कुमार की भाभी रागिनी कुमारी द्वारा भी गौतम और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर बिहार शरीफ में मामला चल रहा है।
मां के मुताबिक, जब उनकी बेटी ने इन मामलों को लेकर अपने पति से सवाल किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद गौतम कुमार और उनके परिवार के सदस्यों ने सपना के साथ मारपीट की। सविता देवी का कहना है कि किसी तरह उनकी बेटी वहां से निकलकर उनके पास पहुंची और उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
‘मेरी बेटी को डर है कि उसकी हत्या हो सकती है’
सविता देवी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उनकी बेटी ने उनसे कहा कि यदि वह दोबारा गौतम के साथ रहने गई तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। मां का कहना है कि उनकी एक ही बेटी है और उनकी पूरी संपत्ति और भविष्य उसी बेटी से जुड़ा है।
सविता देवी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने जीपीएफ खाते से लोन लेकर दामाद को वाहन खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी थी। इसके बावजूद विवाद लगातार बढ़ता गया।
महिला थाना में शिकायत, नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ित महिला के अनुसार, कथित प्रताड़ना और मांगों से परेशान होकर उन्होंने 11 दिसंबर 2025 को महिला थाना, पटना में लिखित आवेदन दिया था। उनका दावा है कि महिला थाना की ओर से गौतम कुमार को नोटिस भी भेजा गया, लेकिन वह थाने नहीं पहुंचे और मामले में उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली।
सविता देवी का आरोप है कि इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। उनका दावा है कि गौतम कुमार अपने साथ कई लोगों को लेकर उनके सरकारी आवास के आसपास पूछताछ करते रहे हैं। महिला का आरोप है कि आसपास के लोगों के माध्यम से उन्हें और उनकी बेटी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जा रही है।
इन आरोपों के कारण सविता देवी का कहना है कि वह अपने सरकारी आवास में रहने से डर रही हैं और इधर-उधर छिपकर रहने को मजबूर हैं।
शास्त्री नगर थाने में भी आवेदन देने का दावा
पीड़ित मां-बेटी का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले को लेकर 21 जुलाई 2026 और 24 जुलाई 2026 को शास्त्री नगर थाने में भी लिखित आवेदन दिया। हालांकि, उनका आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद मामले में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सविता देवी ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि 23 दिसंबर 2025 को जब वह अपने सरकारी आवास पर मौजूद नहीं थीं, तब गौतम कुमार पुलिस के साथ उनके आवास पर पहुंचे थे। महिला ने आरोप लगाया कि उस दौरान उनके आवास में शराब की बोतलें रखकर उन्हें फंसाने की कोशिश की गई।
सविता देवी के अनुसार, इस मामले में उन्हें उत्पाद अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्होंने जमानत ली। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
‘डर के कारण कार्यालय तक नहीं जा पा रही‘
सविता देवी का कहना है कि लगातार मिल रही कथित धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार भय के माहौल में है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा को लेकर चिंता इतनी बढ़ गई है कि वह पिछले करीब 10 दिनों से अपने कार्यालय तक नहीं जा पा रही हैं।
पीड़ित मां-बेटी का कहना है कि उन्हें आशंका है कि गौतम कुमार या उनके साथ मौजूद लोग कभी भी उनके खिलाफ गंभीर कदम उठा सकते हैं। इसी डर के कारण दोनों ने बिहार पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की।
DGP से लगाई सुरक्षा और न्याय की गुहार
बिहार पुलिस मुख्यालय पहुंची मां-बेटी ने डीजीपी के समक्ष अपनी पूरी शिकायत रखी। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत के साथ अब तक दिए गए आवेदनों और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी भी अधिकारियों को दी है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, डीजीपी की ओर से उन्हें मामले की जांच कराने और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पीड़ित मां-बेटी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी? महिला थाना और शास्त्री नगर थाना में दिए गए कथित आवेदनों पर क्या कार्रवाई हुई? और पुलिसकर्मी पर लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच में आगे क्या सामने आता है?
फिलहाल, मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंच चुका है और अब सबकी नजर जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। आरोपी पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।



