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जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी का वायरल वीडियो, तीन गिरफ्तार; सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर पुलिस ने दर्ज की FIR

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट ।

जमुई: बिहार में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जमुई से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद जमुई पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि घटना 19 सितंबर की शाम जमुई सदर थाना क्षेत्र में हुई थी। उनके अनुसार, घटना के तत्काल बाद पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं पहुंची थी। बाद में सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और उपलब्ध सामग्री के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़ितों की पहचान की गई और इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुई जांच

जिलाधिकारी नवीन के मुताबिक, पुलिस को घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के माध्यम से मिली। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने पीड़ित छात्र-छात्रा की पहचान की और उनका बयान दर्ज करने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

डीएम नवीन ने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया था। वीडियो में दो नाबालिगों के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों के बयान दर्ज किए गए।

एसपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों नाबालिग 10वीं कक्षा के छात्र-छात्रा बताए जा रहे हैं। वे कोचिंग के बाद उस इलाके में फोटो शूट के लिए गए थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।

पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने कहा है कि घटना को लेकर कानूनी कार्रवाई जारी है।

कोचिंग के बाद मड़वा पहाड़ गए थे दोनों

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दोनों नाबालिग जमुई शहर के रहने वाले हैं और 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। बताया जा रहा है कि 19 सितंबर को दोनों कोचिंग के बाद स्कूटी से मड़वा पहाड़ की ओर गए थे।

वापसी के दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों के साथ काफी देर तक बदसलूकी की गई। इसी दौरान पूरी घटना का वीडियो भी बनाए जाने की बात सामने आई है।

सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े दो वीडियो वायरल हुए। इनमें से एक वीडियो करीब एक मिनट दो सेकंड और दूसरा करीब 35 सेकंड का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने खुद शुरू की कार्रवाई

इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि पुलिस के अनुसार घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आवेदन नहीं दिया गया था। इसके बाद जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया तो पुलिस ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर जांच शुरू की।

पुलिस ने दोनों नाबालिगों की पहचान की, उनका बयान दर्ज किया और उसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और जो लोग घटना में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

जमुई की इस घटना का राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा जी ने बताया कि वायरल वीडियो के संबंध में जमुई के जिलाधिकारी से जानकारी मांगी गई है।

उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और गिरफ्तारी भी हुई है। आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि जिन अन्य लोगों की गिरफ्तारी बाकी है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

राहुल गांधी ने घटना पर जताई चिंता

मामले को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए घटना को लेकर चिंता जताई।

राहुल गांधी ने कहा कि जमुई का वीडियो बेहद परेशान करने वाला है। उनके मुताबिक, 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा को रास्ते में रोका गया और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि शाम के समय बिहार की सड़कों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी ने घटना को महिलाओं के प्रति पुरुषवादी सोच से जोड़ते हुए बिहार सरकार से जवाब मांगा।

विधायक ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल

वहीं, विधायक आईपी गुप्ता ने भी इस मामले को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जमुई के पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विधायक ने दावा किया कि थानों में अब पहले की तुलना में कम संख्या में एफआईआर दर्ज की जाती है। हालांकि, एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से उपलब्ध जानकारी अलग है, जिसमें डीएम और एसपी ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने पीड़ितों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की और कार्रवाई शुरू की।

जांच के बाद सामने आएगा पूरा मामला

फिलहाल जमुई पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए इस मामले ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

प्रशासन का कहना है कि मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उनके खिलाफ किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।

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