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राजभवन मार्च को लेकर राजद का दावा: तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मार्च सफल, वाटर कैनन और हिरासत की कार्रवाई पर एजाज अहमद ने उठाए सवाल

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से।

पटना, 19 अगस्त 2026। बिहार में छात्र हित, लोकतांत्रिक अधिकारों और हाल की फायरिंग की घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से बुधवार को पटना में निकाला गया राजभवन मार्च राजनीतिक रूप से चर्चा में रहा। राजद नेता एजाज अहमद ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में निकाला गया मार्च पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने मार्च के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल और राजद नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।

एजाज अहमद ने कहा कि हजारों की संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से राजभवन की ओर मार्च कर रहे थे। उनके मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर न्याय की मांग करना तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाना था।

वाटर कैनन के इस्तेमाल पर राजद ने जताई नाराजगी

राजद नेता ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं बताया।

एजाज अहमद का कहना है कि लोकतंत्र में जब जनता अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरती है तो सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन और प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा हैं और ऐसे आंदोलनों को दबाने के बजाय सरकार को छात्रों तथा आम लोगों की समस्याओं पर संवाद करना चाहिए।

उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि वाटर कैनन का इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

सिवान, दिल्ली और जहानाबाद की घटनाओं का उठाया मुद्दा

एजाज अहमद ने अपने बयान में सिवान में 25 जुलाई को हुई कथित AK-47 फायरिंग, दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल और जहानाबाद में फायरिंग की घटनाओं का भी जिक्र किया।

राजद नेता ने इन घटनाओं को छात्रों और आम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सिवान में AK-47 से फायरिंग के मामले की न्यायिक जांच की मांग को राजभवन मार्च के प्रमुख मुद्दों में बताया।

उनका कहना है कि छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर हो रहे आंदोलनों में यदि बल प्रयोग किया जाता है तो इससे लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राजद की ओर से इन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग के साथ राजभवन मार्च किया गया।

तेजस्वी यादव सहित नेताओं को हिरासत में लेने पर सवाल

एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि राजभवन मार्च के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव समेत राजद के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने वाला कदम बताया।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया जाना उचित नहीं है। एजाज अहमद ने दावा किया कि सरकार की ओर से की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई सम्राट चौधरी के आदेश पर की गई। हालांकि यह आरोप राजद नेता के बयान पर आधारित है।

मार्च से एनडीए सरकार बेचैन हो गई”: एजाज अहमद

राजद नेता ने दावा किया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले राजभवन मार्च की सफलता से एनडीए सरकार “बेचैन” हो गई और इसी वजह से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

एजाज अहमद ने कहा कि सरकार चाहे वाटर कैनन का इस्तेमाल करे या राजद नेताओं को हिरासत में ले, इससे पार्टी के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।

सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकार कमजोर करने का आरोप

एजाज अहमद ने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए और छात्रों तथा युवाओं से जुड़े सवालों का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वह संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने वाली है।

उन्होंने कहा कि जनता के आंदोलन को बल प्रयोग के जरिए रोकने के बजाय सरकार को संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

राजद नेता ने अंत में कहा कि बिहार की जनता के सामने सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

नोट: यह खबर राजद नेता एजाज अहमद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में किए गए दावों और आरोपों पर आधारित है। पुलिस या सरकार का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।

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