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बढ़ते पेट्रोलियम पदार्थों के दाम पर सरकार लगाए रोक : रामदेव चौधरी

सामाजिक न्याय मोर्चा गठन का लिया गया निर्णय, कई जन मुद्दों पर हुई चर्चा

बिहारशरीफ। बिहारशरीफ के खंदकपर स्थित Royal Palace Hotel में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोलियम पदार्थों के दाम, शिक्षा व्यवस्था, न्यायिक नियुक्ति प्रणाली, चुनाव प्रक्रिया और सामाजिक न्याय से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नेता Chandrashekhar Prasad ने की। वहीं कार्यक्रम में अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ramdev Chaudhary, डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष Anil Paswan समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर जताई नाराजगी

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मात्र 10 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की गई, जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत कई देशों से पेट्रोलियम पदार्थों का आयात करता है, वहीं बड़ी मात्रा में अन्य देशों को निर्यात भी करता है। बावजूद इसके देश की जनता को महंगे दामों पर पेट्रोल और डीजल खरीदना पड़ रहा है। इसका असर बस किराया, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर साफ दिखाई दे रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि लगातार महंगाई बढ़ने से गरीब और गरीब होता जा रहा है, जबकि अमीर वर्ग और अधिक मजबूत होता जा रहा है। सरकार को आम जनता की परेशानियों को समझते हुए पेट्रोलियम पदार्थों के दामों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।

लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

बैठक में वक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम मशीन के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर भी नाराजगी जताई गई।

वक्ताओं ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से छात्र और युवा वर्ग परेशान हैं तथा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रधानमंत्री के बयान पर भी उठे सवाल

बैठक के दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा आम जनता से सोना नहीं खरीदने, तेल की बचत करने और विदेश यात्रा नहीं करने की अपील का जिक्र करते हुए सवाल उठाया। वक्ताओं ने कहा कि एक ओर जनता से त्याग की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े स्तर पर सरकारी खर्च जारी है।

उन्होंने कहा कि देश के मुख्यमंत्री और मंत्री बड़े-बड़े काफिलों के साथ यात्रा करते हैं, जिससे जनता में गलत संदेश जाता है।

सामाजिक न्याय मोर्चा के गठन का निर्णय

बैठक में सर्वसम्मति से “सामाजिक न्याय मोर्चा” के गठन का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह मोर्चा सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों के मुद्दों को लेकर आंदोलन करेगा।

इन प्रमुख मांगों पर हुई चर्चा

बैठक में निम्नलिखित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई—

बढ़ते पेट्रोलियम पदार्थों के दाम पर रोक लगाई जाए।

यूजीसी बिल 2026 को लागू किया जाए।

समान शिक्षा प्रणाली लागू की जाए।

न्यायिक नियुक्तियों में कॉलेजियम प्रणाली समाप्त की जाए।

यूपीएससी एवं बीपीएससी की तर्ज पर परीक्षा के माध्यम से जजों की बहाली हो।

उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव समाप्त किया जाए।

चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।

निजी स्कूलों और कॉलेजों का सरकारीकरण किया जाए।

कई सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद

बैठक में फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला महासचिव Mahendra Prasad, अधिवक्ता Kalyan Kumar, प्रोफेसर Shiv Kumar Prasad Yadav, Sarjug Ravidas, Vinod Yadav, Lalti Devi, Mohammad Chand सहित कई लोग मौजूद रहे।

अंत में Ramdev Chaudhary ने कहा कि आम जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट।

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