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फर्जी लगान रसीद और अवैध जमाबंदी मामले में राजस्व कर्मचारी मधेश राम बर्खास्त

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से ।

पटना। जिलाधिकारी, पटना ने गंभीर अनियमितता और कदाचार के आरोप में राजस्व कर्मचारी मधेश राम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मधेश राम वर्तमान में अंचल कार्यालय, पुनपुन में पदस्थापित थे। जांच में उनके विरुद्ध फर्जी लगान रसीद जारी करने, बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के अवैध जमाबंदी कायम करने तथा भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र (एलपीसी) के लिए गलत अनुशंसा करने के आरोप प्रमाणित पाए गए।

जिला प्रशासन के अनुसार, मधेश राम ने अंचल कार्यालय, मसौढ़ी में पदस्थापना के दौरान फर्जी तरीके से लगान रसीदें काटीं और उन्हीं के आधार पर भू-धारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एलपीसी जारी करने की अनुशंसा की। जांच में यह भी सामने आया कि जिन आवेदकों के नाम पर वर्ष 2019-20 में लगान रसीदें जारी की गईं, उनकी जमाबंदी उस समय अस्तित्व में ही नहीं थी। बाद में वर्ष 2021-22 में विभिन्न दाखिल-खारिज वादों के माध्यम से जमाबंदी कायम की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि आरोपी राजस्व कर्मचारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी राजस्व नियमों का घोर उल्लंघन किया है। फर्जी जमाबंदी, जाली लगान रसीद और एलपीसी की अनुशंसा में उनकी मिलीभगत जांच में प्रमाणित हुई है, जिससे विभाग और प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।

मामले में अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी द्वारा आरोप पत्र भेजे जाने के बाद विधिवत विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। जांच के लिए अपर समाहर्ता, पटना को संचालन पदाधिकारी और अंचल अधिकारी, मसौढ़ी को प्रस्तोता पदाधिकारी नियुक्त किया गया। विभागीय जांच के दौरान सभी आरोप पूरी तरह सिद्ध पाए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि आरोपी कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया था, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह माना गया कि उनका सेवा में बने रहना लोकहित के प्रतिकूल है।

इसके बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत मधेश राम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है तथा दोषी कर्मियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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