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दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद बंद होगा पेटीएम पेमेंट्स बैंक, जानिए ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर

एम ए न्यूज डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट

नई दिल्ली: देश के डिजिटल बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने की कानूनी प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से दायर याचिका के आधार पर आया है। RBI का कहना है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लगातार बैंकिंग नियमों और रेगुलेटरी गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहा था, जिसके कारण उसका बैंकिंग लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था।

अप्रैल 2026 में रद्द हुआ था बैंकिंग लाइसेंस

RBI के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस अप्रैल 2026 में ही रद्द कर दिया गया था। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक लंबे समय से नियामकीय मानकों का पालन करने में विफल रहा और कई गंभीर कमियां सामने आईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद बैंक को कानूनी रूप से समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए RBI ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट ने दी लिक्विडेशन प्रक्रिया को मंजूरी

दिल्ली हाई कोर्ट ने 8 जुलाई और 22 जुलाई 2026 को पारित अपने आदेशों में बैंक को बंद करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी। अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरीकुमार एम. नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया है।

कोर्ट के आदेश के बाद 8 जुलाई 2026 से बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सभी शक्तियां समाप्त हो चुकी हैं। अब बैंक की संपत्तियों, देनदारियों और प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन लिक्विडेटर की निगरानी में किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के प्रावधानों के अनुसार पूरी होगी।

ग्राहकों के लिए राहत की खबर

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ी राहत आम ग्राहकों के लिए है। यह आदेश केवल पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर लागू होता है। इसका असर Paytm के मुख्य मोबाइल ऐप पर नहीं पड़ेगा। यानी ग्राहक पहले की तरह यूपीआई भुगतान, मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिलों का भुगतान, फास्टैग रिचार्ज और अन्य डिजिटल सेवाओं का उपयोग जारी रख सकेंगे। ये सेवाएं अन्य पार्टनर बैंकों के माध्यम से संचालित होती रहेंगी।

शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर

दिलचस्प बात यह रही कि बैंक को बंद करने की प्रक्रिया के बावजूद शेयर बाजार में पेटीएम की मूल कंपनी One 97 Communications के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। कारोबार के अंत में कंपनी का शेयर 1.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,308 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 83,815 करोड़ रुपये पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने बैंकिंग इकाई और मूल कंपनी के कारोबार को अलग-अलग नजरिए से देखा। चूंकि पेटीएम का डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पहले से अन्य बैंकिंग साझेदारों के साथ संचालित हो रहा है, इसलिए कंपनी की मुख्य सेवाओं पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं माना जा रहा है।

आगे क्या होगा?

अब लिक्विडेटर बैंक की संपत्तियों, देनदारियों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करेंगे। साथ ही नियमानुसार ग्राहकों और अन्य संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि भविष्य में RBI या लिक्विडेटर की ओर से कोई नया निर्देश जारी किया जाता है, तो उसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

फिलहाल, पेटीएम ऐप इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि उनकी सामान्य डिजिटल भुगतान सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी और इस आदेश का सीधा असर केवल पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर होगा।

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