बिहार में निगरानी ब्यूरो का बड़ा एक्शन: शिवहर में बड़ा बाबू और पटना में जानीपुर के अपर थानाध्यक्ष रिश्वत लेते गिरफ्तार

पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना की टीम ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इन दोनों कार्रवाइयों के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पहली कार्रवाई शिवहर जिले में हुई, जहां जिला कृषि कार्यालय के बड़ा बाबू को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरी और बड़ी कार्रवाई राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र में हुई, जहां जानीपुर थाना के पु0अ0नि0-सह-अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए दबोच लिया गया।

शिवहर में कृषि विभाग का बड़ा बाबू गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार निगरानी थाना कांड संख्या-055/26, दिनांक 11.05.2026 में दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए जिला कृषि कार्यालय, शिवहर में पदस्थापित बड़ा बाबू बिजेन्द्र कुमार को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
बताया जा रहा है कि शिवहर जिले के पिपराही थाना क्षेत्र अंतर्गत माधोपुर सिंगाही निवासी मनिषा देवी ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि खाद एवं बीज दुकान का लाइसेंस जारी करने के एवज में बड़ा बाबू बिजेन्द्र कुमार रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया।
पूर्व नियोजित रणनीति के तहत टीम ने जिला कृषि कार्यालय, शिवहर स्थित कार्यालय कक्ष में छापेमारी की और बिजेन्द्र कुमार को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। निगरानी विभाग ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा।
पटना में जानीपुर के अपर थानाध्यक्ष पर निगरानी का शिकंजा
दूसरी कार्रवाई राजधानी पटना में हुई, जिसने पुलिस विभाग में हलचल बढ़ा दी है। निगरानी थाना कांड संख्या-056/26, दिनांक 13.05.2026 के तहत जानीपुर थाना के पु0अ0नि0-सह-अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार रूपसपुर थाना क्षेत्र के विकास विहार कॉलोनी, धनौत निवासी कौशल किशोर ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि जानीपुर थाना क्षेत्र स्थित उनकी जमीन की सरकारी अमीन द्वारा मापी हो चुकी थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व उन्हें बाउंड्री कराने से रोक रहे थे।
आरोप है कि मामले में सहयोग करने और जमीन पर बाउंड्री कराने देने के एवज में अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह द्वारा एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद डीएसपी अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया।
इसके बाद टीम ने जानीपुर थाना क्षेत्र के बग्घा टोला स्थित नहर के पूर्वी सड़क किनारे जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पुलिस अधिकारी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है। निगरानी विभाग के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त हो रही कार्रवाई
बिहार में हाल के दिनों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों पर ब्यूरो की पैनी नजर बनी हुई है। बुधवार को हुई इन दो बड़ी कार्रवाइयों ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
एक तरफ कृषि विभाग का कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ा गया तो दूसरी तरफ राजधानी पटना में पुलिस विभाग के अधिकारी की गिरफ्तारी ने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल दोनों मामलों में निगरानी विभाग आगे की जांच में जुटा हुआ है। ब्यूरो यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं इन मामलों में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।



