उत्पाद टीम पर हमला और ट्रेनों में शराब तस्करी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
एम ए न्यूज़ डेस्क नीरज कुमार के रिपोर्ट पटना से ।

पटना/बक्सर। बिहार में ट्रेनों के माध्यम से शराब तस्करी करने वाले एक सक्रिय अंतरजिला गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। रेल पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में उत्पाद टीम पर हमला करने तथा ट्रेनों में शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई को रेल पुलिस द्वारा हाल के दिनों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और शराब भी बरामद की है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 27 मई 2026 को ट्रेन संख्या 12336 भागलपुर-एलटीटी एक्सप्रेस दिलदारनगर से दानापुर की ओर जा रही थी। ट्रेन के बक्सर स्टेशन से खुलने के बाद उत्पाद विभाग की टीम द्वारा शराब तस्करों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था।
जांच के दौरान उत्पाद टीम ने एक महिला तस्कर को पकड़ लिया था और अन्य संदिग्ध तस्करों की भी तलाशी ली जा रही थी। इसी बीच ट्रेन में मौजूद कुछ शराब तस्करों ने उत्पाद विभाग की टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और तस्करों तथा उत्पाद कर्मियों के बीच झड़प और हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई।
बताया जाता है कि हंगामे के दौरान महिला तस्कर सहित कई आरोपी ट्रेन को कुशलपुर हॉल्ट पर चेन पुलिंग (ACP) कर रुकवाकर मौके से फरार हो गए। इस घटना ने रेल सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का काम किया।
रेल पुलिस अधीक्षक ने लिया गंभीर संज्ञान
घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस अधीक्षक पटना अनंत कुमार राय ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। उत्पाद थाना बक्सर के अधिकारी संजीत तिवारी के आवेदन पर रेल थाना बक्सर में कांड संख्या 116/26 दर्ज किया गया।
मामले में मुख्य अभियुक्त खुशबू कुमारी सहित 12 से 14 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की।
एसआईटी का गठन, तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क
रेल पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रेल पुलिस उपाधीक्षक पटना (पश्चिम) कंचन राज के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
एसआईटी ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी विश्लेषण, डंप डेटा एनालिसिस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और गुप्त सूचना तंत्र का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस को शराब तस्करी के एक अंतरजिला नेटवर्क की जानकारी मिली, जो ट्रेनों के माध्यम से शराब की अवैध ढुलाई कर रहा था।
लगातार छापेमारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल एक महिला तस्कर और उसके नेटवर्क से जुड़े तीन अन्य पुरुष तस्करों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है—
1. जहाना खातून उर्फ खुशबू (20 वर्ष)
पति – मोहम्मद फिरोज
स्थायी पता – चांदपुर पताही, थाना पातेपुर, जिला वैशाली
वर्तमान पता – अनिसाबाद, सूर्य मंदिर के पास, पटना
2. अंकित कुमार (25 वर्ष)
पिता – विनोद कुमार
स्थायी पता – मखदुमपुर डीह वार्ड संख्या 15, थाना मखदुमपुर, जिला जहानाबाद
वर्तमान पता – अनिसाबाद, सूर्य मंदिर के पास, पटना
3. वीरेंद्र कुमार राय उर्फ लालू (47 वर्ष)
पिता – स्वर्गीय शिवाजी राय
स्थायी पता – श्रीरामपुर ईटावा, थाना गड़खा, जिला सारण
वर्तमान पता – ज्योतिष पथ, वार्ड संख्या 30, थाना रामकृष्णनगर, पटना
4. रंजन शर्मा (50 वर्ष)
पिता – स्वर्गीय जनक शर्मा
पता – खपुरा, थाना नगरनौसा, जिला नालंदा
शराब तस्करी के चेन ऑफ सप्लाई की भी जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध केवल ट्रेन में शराब तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हैं। जांच एजेंसियों ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक दोनों की पहचान शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार शराब की आपूर्ति करने वाले, खरीद-बिक्री करने वाले तथा ट्रेन में एसीपी कर आरोपियों को फरार कराने वाले अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। उनके विरुद्ध भी लगातार छापेमारी की जा रही है।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
वीरेंद्र कुमार राय उर्फ लालू के खिलाफ गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
रंजन शर्मा के खिलाफ फूलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में उत्पाद संबंधी मामला दर्ज पाया गया है।
पुलिस अब इनके पुराने नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
बरामद सामान
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं—
1 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
2 कीपैड मोबाइल फोन
3 अंकित कुमार के पास से एक अपाचे मोटरसाइकिल (BR-01/CK-2111)
4 वीरेंद्र कुमार राय उर्फ लालू के पास से एक हीरो मोटरसाइकिल (BR-01/HB-5623)
5. 3.270 लीटर अंग्रेजी शराब
फरार आरोपियों की तलाश जारी
रेल पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर लिया जाएगा।
कानून को चुनौती देने वालों पर सख्त कार्रवाई
रेल पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी टीम पर हमला, ट्रेन को अवैध रूप से रोकना और शराब तस्करी जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए रेलवे मार्गों का इस्तेमाल करने वाले तस्करों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इस सफल कार्रवाई से न केवल उत्पाद विभाग पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, बल्कि ट्रेनों के जरिए संचालित हो रहे शराब तस्करी के एक संगठित अंतरजिला नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है। पुलिस का दावा है कि आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



